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68,500 सहायक अध्यापक भर्ती के रिजल्ट में गड़बड़ी के बाद मचा हड़कंप

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती के नतीजों में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आने के बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए परीक्षा नियामक प्राधिकारी सुत्ता सिंह को निलंबित कर दिया है।
इस मामले की जांच के लिए प्रमुख सचिव (गन्ना एवं चीनी उद्योग) संजय आर. भूसरेड्डी की अध्यक्षता में जांच कमिटी बनाई गई है। यह कमिटी एक हफ्ते में अपनी रिपोर्ट सौपेंगी।

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में शासन द्वारा प्रमुख सचिव भूसरेड्डी की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है। सर्व शिक्षा अभियान के निदेशक वेदपति मिश्रा और बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेंद्र विक्रम सिंह को इस समिति का सदस्य नामित किया गया है। उल्लेखनीय है कि सूबे में 68,500 शिक्षक भर्ती परीक्षा का परिणाम 13 अगस्त को घोषित हुआ था। सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा के परिणाम में 41,556 अभ्यर्थी चयनित हुए थे। रिजल्ट निकलने के बाद से ही यह लिखित परीक्षा सवालों के घेरे में थी।

रिजल्ट में गड़बड़ी के बाद मचा हड़कंप
दरअसल, परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने दो ऐसे अभ्यर्थियों को सफल घोषित कर दिया था, जो परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए थे। यही नहीं, परीक्षा में फेल कुल 23 अभ्यर्थियों को पास कर दिया गया था। इन 23 में से 20 अभ्यर्थियों ने शिक्षक भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था और इन्हें जिलों का आवंटन भी हो गया। मंगलवार को गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया था। आनन-फानन में जिन जिलों में इन 20 फेल अभ्यर्थियों को भेजा गया था, वहां के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर इन्हें नियुक्ति पत्र जारी करने से रोक दिया गया है। इन फेल अभ्यर्थियों का आवंटन जिन जिलों में हुआ था, उनमें मैनपुरी, अलीगढ़, बाराबंकी, सीतापुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बलरामपुर, मुरादाबाद, जौनपुर, चित्रकूट, बुलंदशहर, गोंडा और मेरठ शामिल हैं।

गौरतलब है कि गुरुवार को सुत्ता सिंह ने कहा था, 'छात्रों और शासन स्तर से परिणाम जल्दी जारी करने के लिए दबाव बनाए जाने के चलते ज्यादातर गड़बड़ियां हुई हैं। क्रॉसचेक करने के लिए थोड़ा और वक्त मिल जाता तो ऐसी स्थिति सामने नहीं आती।' 122 नंबर पाने वाले अभ्यर्थी को 22 नंबर मिलने पर सुत्ता सिंह ने कहा, 'ऐसी गड़बड़ी कॉपी से अंकपत्र पर नंबर चढ़ाने के दौरान हुई है। 23 असफल अभ्यर्थियों को सफल बताए जाने का मामला भी कुछ ऐसा ही है।' बताया गया है कि शिक्षकों की भर्ती परीक्षा का परिणाम संशोधित कर इस महीने के अंत तक जारी किया जाएगा, इसके बाद जो अभ्यर्थी सफल होंगे, उनकी अलग से काउंसिलिंग कराकर नियुक्ति पत्र जारी किया जाएगा।

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