लखनऊ, । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक प्रणाली को और बेहतर करने के लिए सभी अधिकारियों व कर्मियों की क्षमता संवर्धन को अनिवार्य किए जाने का निर्देश दिया है।
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मुख्यमंत्री ने मंगलवार को उच्च स्तरीय बैठक में ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत प्रदेश में अब तक हुई प्रगति व आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने मिशन के क्रियान्वयन, प्रशिक्षण ढांचे, डिजिटल प्लेटफार्म की स्थिति व विभिन्न विभागों में क्षमता संवर्धन से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की अध्यक्ष एस.राधा चौहान ने प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के क्रियान्वयन की कार्ययोजना प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मिशन कर्मयोगी’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिवर्तनकारी पहल है, जिसका उद्देश्य वैश्विक दृष्टिकोण के साथ भारतीय संस्कृति के लोकाचार में निहित मूल्यों को आत्मसात करते हुए ऐसे सक्षम मानव संसाधन तैयार करना है।
18.8 लाख कर्मी कार्मिक पोर्टल पर
बैठक में बताया गया कि आईगाट कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन में यूपी देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। प्रदेश से 18.8 लाख से अधिक कर्मी प्लेटफार्म पर आनबोर्ड हो चुके हैं, जो पिछले वर्ष देश भर में हुई कुल आनबोर्डिंग का 93 प्रतिशत है। प्रदेश के 10 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं ने कम से कम एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण किया है।

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