D.El.Ed Admission 2025 | UP D.El.Ed Latest News | Teacher Training Course | SCERT Uttar Pradesh
लखनऊ।
प्रदेश में डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) सत्र की प्रवेश प्रक्रिया जनवरी माह में भी शुरू नहीं हो सकी है। लगातार हो रही देरी के कारण शैक्षणिक सत्र की नियमितता पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। स्थिति यह है कि सत्र समाप्त होने में अब कुछ ही महीने शेष हैं, लेकिन अभी तक प्रवेश प्रक्रिया पटरी पर नहीं लौट सकी है।
📅 रजिस्ट्रेशन की तिथि बढ़ाने की तैयारी
शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार—
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छात्रों को एक और अवसर देने के लिए
पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है -
इस संबंध में प्रस्ताव शासन को भेजा गया है
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अंतिम निर्णय के बाद ही
मेरिट सूची और काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो सकेगी
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D.El.Ed Registration Date Extension, UP D.El.Ed Admission Process
📊 सीटों के मुकाबले कम आवेदन
इस वर्ष डीएलएड पाठ्यक्रम में—
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🎓 2.40 लाख सीटें उपलब्ध
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📝 केवल 1.60 लाख आवेदन प्राप्त
विशेषज्ञों का मानना है कि—
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प्रवेश प्रक्रिया में देरी
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बार-बार बदलती समय-सीमा
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भविष्य को लेकर अनिश्चितता
के कारण अभ्यर्थियों की रुचि कम हुई है।
पिछले वर्ष फरवरी 2025 तक पूरी प्रवेश प्रक्रिया संपन्न हो चुकी थी, जबकि इस बार जनवरी समाप्त होने के बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
⚖️ योग्यता विवाद से बढ़ी परेशानी
डीएलएड प्रवेश की योग्यता को लेकर लंबे समय तक चला विवाद भी देरी का बड़ा कारण रहा—
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मामला न्यायालय में लंबित रहा
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अक्टूबर में निर्णय आने के बाद आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई
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दिसंबर में आवेदन समाप्त होने के बावजूद
अब तक मेरिट सूची जारी नहीं हो सकी
इससे हजारों अभ्यर्थी असमंजस की स्थिति में हैं।
🎓 डीएलएड की जगह बीएलएड की तैयारी
इसी बीच शिक्षा मंत्रालय द्वारा—
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डायट संस्थानों को अपग्रेड करने की योजना पर काम चल रहा है
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भविष्य में डीएलएड की जगह
चार वर्षीय बीएलएड (B.El.Ed) पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी है
बीएलएड में—
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न्यूनतम योग्यता: इंटरमीडिएट
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कोर्स पूरा करने के बाद अभ्यर्थी
प्राथमिक और माध्यमिक दोनों स्तरों पर शिक्षक भर्ती के लिए पात्र होंगे
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B.El.Ed Course, Teacher Eligibility After Graduation
🏫 सीटें खाली रहने की आशंका
परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी के अनुसार—
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सीटों के सापेक्ष आवेदन कम होने से
इस वर्ष भी बड़ी संख्या में सीटें खाली रहने की आशंका है -
कॉलेजों की ओर से
आवेदन तिथि बढ़ाने की मांग की गई है -
शासन से अनुमति मिलने के बाद
प्रवेश प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी -
साथ ही सत्र को नियमित करने के प्रयास किए जा रहे हैं
😟 छात्रों में बढ़ी चिंता
लगातार देरी के चलते—
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अभ्यर्थियों में असमंजस और चिंता का माहौल
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बड़ी संख्या में छात्र
डायट और एससीईआरटी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि—
यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया,
तो इसका सीधा असर
शैक्षणिक सत्र, प्रशिक्षण अवधि और शिक्षण गुणवत्ता पर पड़ेगा।
📝 निष्कर्ष (Conclusion)
डीएलएड प्रवेश प्रक्रिया में हो रही देरी अब केवल प्रशासनिक मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि यह हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा सवाल बन चुकी है। यदि जल्द स्पष्ट समय-सारिणी जारी नहीं की गई, तो सत्र को नियमित करना बेहद कठिन हो जाएगा।