Germany Nursing Jobs | Japan Caregiver Vacancy | Overseas Jobs for Indian Youth | High Salary Abroad Jobs
लखनऊ।
जर्मनी और जापान जैसे विकसित देशों में स्वास्थ्य क्षेत्र की नौकरियों के लिए लाखों रुपये मासिक वेतन की पेशकश के बावजूद प्रदेश के युवाओं का रुझान अपेक्षाकृत कम देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आकर्षक वेतन के पीछे छिपी जटिल चयन प्रक्रिया, भाषा बाधा और सामाजिक कारण युवाओं को विदेश में नौकरी करने से रोक रहे हैं।
💰 लाखों की सैलरी, फिर भी कम आवेदन
सेवायोजन विभाग द्वारा—
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जर्मनी में नर्सिंग पद
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जापान में केयरगिवर पद
के लिए कुल 200 रिक्तियों के आवेदन आमंत्रित किए गए थे, लेकिन अब तक 50 से भी कम युवाओं ने रुचि दिखाई है।
📌 वेतन विवरण:
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जर्मनी (नर्सिंग): लगभग ₹2.29 लाख प्रतिमाह
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जापान (केयरगिवर): लगभग ₹1.17 लाख प्रतिमाह
इतनी ऊंची सैलरी के बावजूद युवाओं का कम रुझान विभाग के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।
📚 जटिल प्रक्रिया बनी सबसे बड़ी बाधा
विशेषज्ञों के अनुसार, विदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र की नौकरी पाने के लिए—
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भाषा संबंधी कठिन शर्तें
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डिग्री और सर्टिफिकेट का सत्यापन
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स्थानीय लाइसेंस परीक्षा
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लंबी चयन और प्रशिक्षण प्रक्रिया
युवाओं को पीछे हटा रही है।
🔹 जर्मनी में नर्सिंग के लिए जर्मन भाषा में B1/B2 स्तर अनिवार्य
🔹 जापान में केयरगिवर के लिए जापानी भाषा प्रशिक्षण जरूरी
इन शर्तों के कारण कई अभ्यर्थी शुरुआत में ही आवेदन करने से हिचकिचा रहे हैं।
👨👩👧 सामाजिक और पारिवारिक कारण भी अहम
विदेश में नौकरी को लेकर युवाओं की झिझक के पीछे—
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लंबे समय तक परिवार से दूर रहना
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नई कार्य संस्कृति में सामंजस्य
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सख्त अनुशासन और काम का दबाव
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स्वास्थ्य क्षेत्र में पहले से मौजूद मानसिक व शारीरिक थकान
जैसे कारण भी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
🇮🇳 भारत में भी मिल रहे बेहतर विकल्प
विशेषज्ञों का कहना है कि—
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देश के कई राज्यों में नर्सिंग व मेडिकल स्टाफ के लिए
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स्थिर नौकरी, सम्मानजनक वेतन और सामाजिक सुरक्षा
उपलब्ध है।
इसके अलावा विदेशों में—
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भारी टैक्स कटौती
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महंगा जीवन-यापन
के बाद वास्तविक बचत उतनी आकर्षक नहीं रह जाती, जितनी विज्ञापनों में दिखाई जाती है।
🌍 इजराइल और खाड़ी देशों की ओर ज्यादा रुझान
इसके विपरीत—
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इजराइल और खाड़ी देशों में
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भाषा की बाधा कम
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चयन प्रक्रिया सरल
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जॉइनिंग जल्दी
होने के कारण युवा वहां काम करने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं।
🧭 सही मार्गदर्शन से बदलेगा रुझान
सेवायोजन विभाग का कहना है कि—
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रोजगार संगम पोर्टल के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया जारी है
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युवाओं को काउंसलिंग और सही जानकारी देने का प्रयास किया जा रहा है
विशेषज्ञों का मानना है कि—
जब तक युवाओं को जमीनी स्तर पर भरोसेमंद मार्गदर्शन और सहयोग नहीं मिलेगा,
तब तक लाखों रुपये की सैलरी भी उन्हें विदेश की नौकरी के लिए आकर्षित नहीं कर पाएगी।