शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE Act) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद अहम और दूरगामी प्रभाव वाला फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने साफ कहा है कि शिक्षकों को कम मानदेय देने का कोई भी बहाना स्वीकार्य नहीं है, चाहे केंद्र सरकार से फंड मिला हो या नहीं।
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⚖️ सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: शिक्षकों के अधिकारों को मिली कानूनी सुरक्षा
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि शिक्षकों को कम मानदेय देना शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act, 2009) का सीधा उल्लंघन है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य सरकार यह तर्क नहीं दे सकती कि केंद्र सरकार से धन न मिलने के कारण शिक्षकों को पूरा भुगतान नहीं किया जा रहा।
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: शिक्षकों को कम मानदेय देना RTE कानून का उल्लंघन, राज्य सरकार को देना होगा पूरा भुगतान
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाला फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि शिक्षकों को कम मानदेय देना शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act, 2009) का सीधा उल्लंघन है और राज्य सरकार इस जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापक नियुक्तियों की जांच के दिए दिशा‑निर्देश
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। न्यायालय ने सभी सहायक अध्यापकों की नियुक्तियों की जांच करने का निर्देश दिया है और इसे छह महीने के भीतर पूरा करने को कहा है।
🔴 बड़ी खबर: सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश, यूपी के सहायक शिक्षकों को ₹17,000 वेतन देना होगा
उत्तर प्रदेश के हजारों सहायक शिक्षकों के लिए सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से कम मानदेय पर काम कर रहे संविदा सहायक शिक्षकों को लेकर शीर्ष अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को ₹17,000 प्रतिमाह वेतन देने का निर्देश दिया है।
🔥 UP संविदा शिक्षकों की सैलरी पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, लाखों को सीधा फायदा
उत्तर प्रदेश में वर्षों से कम वेतन पर काम कर रहे संविदा शिक्षकों के लिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला किसी वरदान से कम नहीं है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि लंबे समय तक बेहद कम मानदेय पर काम कराना
यूपी के 12 लाख शिक्षकों को बड़ी राहत, अब मिलेगा कैशलेस मेडिकल इलाज – जानिए पूरी योजना
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षकों के लिए एक ऐतिहासिक और राहत भरा फैसला लिया है। अब प्रदेश के 12 लाख से अधिक शिक्षक, शिक्षामित्र और शिक्षा से जुड़े कर्मचारी सरकारी व सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस चिकित्सा उपचार का लाभ उठा सकेंगे।
उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के तबादला आदेश बेअसर नई तैनाती पर कार्यभार न मिलने से वेतन और सेवा प्रभावित
त्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में तबादला नीति एक बार फिर सवालों के घेरे में है। विभाग द्वारा स्थानांतरण आदेश जारी किए जाने के बावजूद कई शिक्षक नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण नहीं कर पा रहे हैं। इससे न सिर्फ शिक्षकों की सेवा बाधित हो रही है, बल्कि वेतन भुगतान और भविष्य की वरिष्ठता पर भी संकट खड़ा हो गया है।
🔴Bhadohi fake teacher arrested news:भदोही में फर्जी शिक्षक गिरफ्तार..अवैध दस्तावेजों से पाई थी नौकरी
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