सातवें वेतन आयोग को लेकर सरकार द्वारा बनाई गई समिति की बैठक खत्म हो गई. माना जा रहा था कि सातवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद कई मुद्दों को लेकर कर्मचारियों ने अपनी नाराजगी जताई थी. कर्मचारियों की इसी नाराजगी को दूर करने के लिए सरकार द्वारा बनाई गई तीन समितियों में से एक सिर्फ अलाउंस को लेकर बनाई गई थी.
क्या है विवाद
सातवें वेतन आयोग ने जो सिफारिशें की हैं, उसमें कर्मचारियों को एचआरए, टीए-डीए के साथ-साथ कई और अलाउंस के मुद्दों पर आपत्ति है. दरअसल, इस वेतन आयोग ने ऐसे कई भत्तों को समाप्त कर दिया है जो बहुत साल पहले से चले आ रहे थे. 196 में से अब सिर्फ 55 अलाउंस रखे गए हैं. इसी बात से केंद्रीय कर्मचारी नाराज़ हैं.
केंद्रीय कर्मचारियों की आपत्ति के चलते सरकार ने तीन समितियों का गठन किया था. इन समितियों को कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से बातचीत करके आम राय बनानी थी. रिपोर्ट की माने तो, सरकार ने ट्रांस्पोर्ट अलाउंस को दो हिस्सों में बांटा है. एक सीसीए और दूसरा पहले की तरह दिया जाने वाला टीए है. यह पांचवें वेतन आयोग के जैसा होगा, ऐसा माना जा रहा है. यह भी कहा जा रहा है कि समिति ने कर्मचारियों की मांग को मानते हुए एचआरए की दर को छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट के हिसाब से देने की बात को स्वीकार कर लिया है. नरेंद्र मोदी सरकार ने 2016 में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दी थी और 1 जनवरी 2016 से 7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया था. लेकिन, भत्तों के साथ कई मुद्दों पर असहमति होने की वजह से इन सिफारिशें पूरी तरह से लागू नहीं हो पाईं.

ख़बरें अब तक - 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती - Today's Headlines
- 11 अप्रैल सर्वोच्च अदालत में शिक्षामित्रों के सावित होगी एक महत्वपूर्ण सुनवाई
- उ.प्र.में बेसिक शिक्षा की हालत दयनीय , पूरा विभाग वेंटीलेटर पर : गणेश शंकर दीक्षित
- 11 को होने वाली सुनवाई की तैयारी , सभी सीनियर्स की ब्रीफिंग आज और कल में : Mayank Tiwari
- यू पी शिक्षक भर्ती मामले में कल निर्णय होने की सम्भावना कम , लेकिन रूप रेखा व जजों का रुख तय : गणेश दीक्षित
- UPTET 72825 और शिक्षामित्रों की कल होने वाली सुनवाई पर हो सकता है एक डेट और मिले लेकिन अब ये बेंच इन मुद्दों पर करेगी निर्णय : हिमांशु राणा की कलम से
क्या है विवाद
सातवें वेतन आयोग ने जो सिफारिशें की हैं, उसमें कर्मचारियों को एचआरए, टीए-डीए के साथ-साथ कई और अलाउंस के मुद्दों पर आपत्ति है. दरअसल, इस वेतन आयोग ने ऐसे कई भत्तों को समाप्त कर दिया है जो बहुत साल पहले से चले आ रहे थे. 196 में से अब सिर्फ 55 अलाउंस रखे गए हैं. इसी बात से केंद्रीय कर्मचारी नाराज़ हैं.
केंद्रीय कर्मचारियों की आपत्ति के चलते सरकार ने तीन समितियों का गठन किया था. इन समितियों को कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से बातचीत करके आम राय बनानी थी. रिपोर्ट की माने तो, सरकार ने ट्रांस्पोर्ट अलाउंस को दो हिस्सों में बांटा है. एक सीसीए और दूसरा पहले की तरह दिया जाने वाला टीए है. यह पांचवें वेतन आयोग के जैसा होगा, ऐसा माना जा रहा है. यह भी कहा जा रहा है कि समिति ने कर्मचारियों की मांग को मानते हुए एचआरए की दर को छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट के हिसाब से देने की बात को स्वीकार कर लिया है. नरेंद्र मोदी सरकार ने 2016 में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दी थी और 1 जनवरी 2016 से 7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया था. लेकिन, भत्तों के साथ कई मुद्दों पर असहमति होने की वजह से इन सिफारिशें पूरी तरह से लागू नहीं हो पाईं.

- 11 अप्रैल को शिक्षामित्रों का पक्ष में सुप्रीमकोर्ट में बहस करेंगे यह टॉप मोस्ट वकील
- इस बार शिक्षामित्रों का सुप्रीमकोर्ट में केस का होगा फाइनल डिस्पोजल, देखें कोर्ट द्वारा की गई लिस्टिंग
- 11को होने वाली सुनवाई की तैयारी हेतु सभी सीनियर्स की ब्रीफिंग : Mayank Tiwari
- 72825 से चयनित किसी भी शिक्षक मित्र को घबराने की या डरने की आवश्यकता नही : Rakesh Yadav
- सूबे में 5 लाख सरकारी पदों पर भर्ती शीघ्र, नई सरकार कर रही भर्ती की तैयारियां
- त्रिपुरा केस - सुप्रीम कोर्ट: क्या था मामला और इस शिक्षक भर्ती केस का सम्पूर्ण विवरण
- Big News : उत्तर प्रदेश में भी त्रिपुरा तर्ज पर अगर हाई कोर्ट का आदेश सुप्रीम कोर्ट बकरार रखती है तो फिर क्या होगा
- Big Breaking News : UPTET- 2011 के सभी याचिओ के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी
- याची लाभ अवश्य मिलेगा और शिक्षा मित्र का समायोजन अवश्य निरस्त होगा : त्रिपुरा और up के शिक्षा मित्र में समानता
- 72825 भर्ती : देखना यह है कि फाइनल आर्डर कब और कितनों की जॉब छीनेगा और कितनों की बलि लेगा ..........
ख़बरें अब तक - 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती - Today's Headlines
ليست هناك تعليقات:
إرسال تعليق