जागरण संवाददाता, कौशांबी : फर्जी डिग्री के सहारे जौनपुर का एक युवक
जिले में करीब तीन साल से नौकरी कर रहा है। उसके गांव के पास के रहने वाले
एक व्यक्ति ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर जांच की मांग की है। साथ
ही कहा कि जांच के बाद दोषी मिलने पर उसके खिलाफ कार्रवाई के साथ ही धन की
रिकवरी की जाए।
जौनपुर जनपद के सरायंख्वाजा पोटरिया निवासी नितेश कुमार ने बेसिक
शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजा है। उसने बताया कि उसके गांव के पास रहने वाले
एक व्यक्ति ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से बीएड की
फर्जी डिग्री बनवाकर शिक्षक की नौकरी हथिया ली है। पूरे मामले को लेकर जांच
कराई जाए तो हकीकत सामने आ जाएगी। बताया कि इसके साथ ही अन्य कई युवक भी
है जो शिक्षक बन गए है। नितेश ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से पूरे मामले की
जांच कराते हुए फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी कर रहे युवक के खिलाफ
कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों ने
शिक्षक की तलाश शुरू कर दी है।
दस्तावेज की जांच रिपोर्ट भेजें, होगी कार्रवाई
बीएसए एमआर स्वामी ने बताया कि शिक्षक किस विद्यालय में तैनात है।
शिकायती पत्र में इसका जिक्र नहीं है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को शिक्षक
का नाम व पता मुहैया करा दिया गया है। साथ ही आदेश दिया गया है कि वह अपने
अपने क्षेत्र में शिक्षक की तलाश करें। यदि कोई संदिग्ध मिलता है तो उसके
दस्तावेज की जांच करते हुए रिपोर्ट भेजें। रिपोर्ट मिलने के बाद ही शिक्षक
के खिलाफ कोई कार्रवाई हो सकेगी।
और भी फर्जी शिक्षकों की चल रही जांच
बेसिक शिक्षा विभाग में करीब दो दर्जन से अधिक फर्जी शिक्षक है। इनकी
तलाश हुए दो साल से अधिक का समय हो गया है, लेकिन अब तक विभाग की ओर से इन
पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। विभाग के अधिकारियों का दावा है कि फर्जी
डिग्री के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षकों पर होने वाली कार्रवाई के
संबंध में बेसिक शिक्षा परिषद को पत्र भेजकर निर्देश मांगा गया है। वहां से
कोई पत्र नहीं आया। जिसके कारण अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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