पीसीएस 2015 मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं जांचने वाले परीक्षकों
ने परीक्षार्थियों को अंक देने में भी भेदभाव किया। तमाम चयनित और अचयनित
अभ्यर्थियों की कॉपियों का मिलान करने पर सीबीआइ को पता चला है कि सवालों
के उत्तर में समानता है लेकिन, नंबर किसी को कम दिये गए, किसी को अधिक।
ऐसा
क्यों हुआ, उत्तरों के लिए नंबर देने और मूल्यांकन का मानक क्या है, यह
पूछने के लिए उन परीक्षकों से सीबीआइ पूछताछ करेगी। परीक्षकों को समन भेजा
जाएगा। जुलाई के प्रथम सप्ताह में पूछताछ हो सकती है। 1लोक सेवा आयोग की
भर्तियों की जांच कर रही सीबीआइ ने पीसीएस 2015 परीक्षा में व्यापक गड़बड़ी
पाई है। इनमें स्केलिंग और मॉडरेशन में मनमानी के तो साक्ष्य मिले हैं। एक
जाति विशेष और उच्चाधिकारियों के सगे संबंधियों को अनुचित लाभ देने का भी
सुबूत मिला है। सीबीआइ ने मार्च में आयोग से पीसीएस 2015 परीक्षा की सभी
मूल कॉपियां मांग ली थीं। इन मूल कॉपियों में एक और बड़ी कमी पकड़ी है।
1पता चला है कि हंिदूी भाषी अभ्यर्थियों और अंग्रेजी माध्यम के अभ्यर्थियों
की कॉपियों में सवालों के उत्तर एक जैसे हैं। हंिदूी भाषी कई अभ्यर्थियों
के उत्तर तो तथ्यात्मक रूप से बेहतर हैं फिर भी उन्हें नंबर देने में संकोच
किया गया। अंग्रेजी माध्यम में एक चयनित और एक अचयनित अभ्यर्थी के उत्तर
एक जैसे मिले, जबकि उनके अंकों में असमानता है। सीबीआइ सूत्र बताते हैं कि
जिन परीक्षकों की ओर से नंबर देने में भेदभाव किया गया, उन्हें समन भेजकर
बुलाया जाएगा।
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
