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यूपी टीईटी 2017 मामले में सुप्रीम कोर्ट जजमेंट, टीम रिजवान अंसारी की कलम से

*सुप्रीम कोर्ट जजमेंट:यूपी टेट-२०१७*
*⚖```[CIVIL APPEAL-10876/2018, PUSHP LATA PATEL & ORS V/S  STATE OF UTTAR PRADESH & ORS ]*

२६ अक्टूबर को मा0 सुप्रीम कोर्ट में मा0 जस्टिस मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली वृहद पीठ में टेट-२०१७ मामले की अहम सुनवाई में कोर्ट ने निम्न दिशा निर्देश जारी किया...➡

*1)- कोर्ट ने इस केस की महत्वपूर्णता देखते हुए स्पेशल अपील को सिविल अपील में बदलने का निर्देश दिया। जो कि पीड़ितों के लिए भविष्य में मील का पत्थर साबित होगी।*
*2)- सिंगल जज ने करीब सवा तीन सौ याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाया जबकि सरकार ने सिर्फ एक याचिका ( 28222/18,MOHD RIZWAN) को ही डिवीजन बेंच में क्यो चुनौती दी? संवैधानिक तौर पर सरकार को सिंगल बेंच की सभी याचिकाओं को पार्टी बनाना चाहिए था।*
इसका साफ मतलब हुआ कि सुप्रीम कोर्ट की ये तल्ख टिप्पणी थी कि सरकार ने बिना सभी को बताये डिवीजन बेंच से केस को निपटा दिया। जो कि नही होना चाहिए था क्योंकि सिंगल बेंच के फैसले में सभी याची लाभार्थी थे जाहिर है सिर्फ एक अपील से सभी के हित को नही देखा गया।
*3)- सभी याची डिवीजन बेंच के आदेश से प्रभावित हुए हैं। लिहाजा फिर से सभी याचियों को पार्टी बनाकर सूची बद्ध किया जाए। इसलिए कोर्ट ने हाई कोर्ट के डबल बेंच के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि हाई कोर्ट इस मामले को फिर से दोबारा मेरिट पर सुनकर फैसला पारित करे।*
इससे साफ जाहिर है कि हम फिर से 20 प्रश्नों पर स्टैंड कर गए। फिर से कमेटी गठित होगी,अब फिर सभी प्रश्नों पर बहस होगी।
*4)- कोर्ट ने सबसे अहम निर्देश दिया कि---" इस टेट २०१७ से जितनी भी भर्तियां हो चुकी या होंगी वे सभी इस याचिका में अंतिम निर्णय के अधीन होंगी।"*
साफ जाहिर है कि यदि हाई कोर्ट की डबल बेंच से नियुक्त अभ्यर्थियों के विरुद्ध यदि कोई फैसला आएगा तो इसमे सरकार या अभ्यर्थी नियुक्ति का कोई दावा या क्लेम नही दायर कर पायेगा। उनको हटना ही होगा।
शेष अगली पोस्ट में......
*✍🏼वैरागी*💯
©टीम रिज़वान अंसारी।।

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