📍 लखनऊ : लखनऊ जिले में प्राइमरी स्कूल शिक्षकों के समायोजन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। इस मामले की जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में गठित कमेटी अब तक 37 से अधिक शिकायतें प्राप्त कर चुकी है। आरोप है कि कैंसर और लकवा जैसे गंभीर रोगों से पीड़ित शिक्षकों को भी उनके घर से 40 किलोमीटर दूर तैनात कर दिया गया है।
🕵️♂️ जांच कमेटी गठित, DM ने लिया संज्ञान
प्राइमरी शिक्षकों के समायोजन में कथित अनियमितताओं पर:
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शासन और जिलाधिकारी विशाख जी ने संज्ञान लिया
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सीडीओ अजय जैन की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई गई
👥 कमेटी के सदस्य:
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मुख्य विकास अधिकारी (CDO)
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अपर जिलाधिकारी (सिविल सप्लाई)
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA)
कमेटी का उद्देश्य:
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शिक्षकों की शिकायतों की जांच
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नियम विरुद्ध समायोजन में सुधार
📄 शिक्षकों की मुख्य आपत्तियां
शिक्षकों का आरोप है कि समायोजन के दौरान नियमों की अनदेखी की गई:
📌 निर्धारित नियम क्या थे?
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पहले उसी जोन में समायोजन
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जगह न होने पर नजदीकी जोन में तैनाती
❌ क्या हुआ?
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जोन 1 के शिक्षक को
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जोन 4 में समायोजित कर दिया गया
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दूरी बढ़कर 40 किलोमीटर तक पहुंच गई
🎒 बच्चों की पढ़ाई पर भी असर
शिक्षकों का कहना है कि:
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लंबी दूरी के कारण शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाएंगे
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इसका सीधा असर प्राथमिक छात्रों की पढ़ाई पर पड़ेगा
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बीमार शिक्षकों के लिए यह तैनाती और भी कठिन है
💻 U-DISE पोर्टल से हुआ समायोजन
जानकारी के अनुसार:
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बीएसए ने यू-डायस (U-DISE) पोर्टल के माध्यम से
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नगर व ग्रामीण क्षेत्रों के
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बंद व एकल प्राइमरी स्कूलों में
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170 शिक्षकों का समायोजन किया
इसके बाद:
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बीएसए कार्यालय में
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पांच दर्जन से अधिक प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों ने
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आपत्ति पत्र (प्रत्यावेदन) दाखिल किए
⚠️ आगे क्या हो सकता है?
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जांच रिपोर्ट के आधार पर
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गलत समायोजन संशोधित किए जाएंगे
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जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई संभव