इलाहाबाद: प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों और माध्यमिक कालेजों में प्राचार्य, प्रवक्ता व स्नातक शिक्षकों के चयन के लिए नये आयोग के गठन की प्रक्रिया फिर शुरू हो गई है।
1उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग उप्र और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र का विलय करके अशासकीय कालेजों के शिक्षकों के लिए नया आयोग गठित होना है। दोनों आयोग के अध्यक्ष पहले ही त्यागपत्र सौंप चुके हैं। इसके बाद सदस्यों ने एक-एक करके इस्तीफा दे दिया है। चयन बोर्ड की एकमात्र सदस्य डा. आशालता सिंह ने भी बीते छह सितंबर को ई-मेल के जरिए चयन बोर्ड को अपना त्यागपत्र भेज दिया। 1हालांकि इसमें उन्होंने इस्तीफे की तारीख छह अक्टूबर दर्ज की है और चयन बोर्ड की आपत्ति के बाद भी उन्होंने इस्तीफे में कोई बदलाव करने से इन्कार कर दिया। चयन बोर्ड ने पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। शासन की ओर से कहा गया है कि एक सदस्य की वजह से नये आयोग गठन को लंबे समय तक लटकाया नहीं जा सकता है। ऐसे में डा. आशालता का त्यागपत्र छह सितंबर की तारीख से ही मंजूर करने की तैयारी है। 1आयोग अध्यक्ष व सभी सदस्यों के इस्तीफे के बाद नया आयोग को लेकर प्रक्रिया भी अब आगे बढ़ चली है। पिछले महीने तैयार हुए ड्राफ्ट को अंग्रेजी में अनुवाद करके नये सिरे से शासन को भेज दिया गया है। माना जा रहा है कि शासन की उच्च स्तरीय समिति जल्द ही बैठक करके इस संबंध में निर्णय लेगी। संभव है कि इसी माह कैबिनेट की बैठक में नये आयोग गठन पर मुहर लग जाएगी। चयन बोर्ड में उसी दिशा में कार्य हो रहा है।

sponsored links:
ख़बरें अब तक - 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती - Today's Headlines
- भाजपा की कथनी व करनी में अंतर : संयुक्त समायोजित शिक्षक-शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा
- कैबिनेट का फैसला: शिक्षामित्रों को 10000 रुपये मानदेय साथ में और भी बहुत कुछ
- जितेन्द्र शाही का ऐलान: शिक्षामित्रों का संघर्ष रहेगा जारी, कहा -सरकार ने किया हमारे साथ धोखा
- शिक्षामित्रों को शिक्षक भर्ती में 2.5 अंक प्रतिवर्ष के हिसाब से मिलेगा वेटेज
- योगी की कैबिनेट में समायोजित शिक्षामित्रों की मूल पद पर वापसी का फैसला, मानेदय होगा 10 हजार
- राज्य कर्मियों के लिए कैशलेस इलाज की नियमावली जारी
1उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग उप्र और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र का विलय करके अशासकीय कालेजों के शिक्षकों के लिए नया आयोग गठित होना है। दोनों आयोग के अध्यक्ष पहले ही त्यागपत्र सौंप चुके हैं। इसके बाद सदस्यों ने एक-एक करके इस्तीफा दे दिया है। चयन बोर्ड की एकमात्र सदस्य डा. आशालता सिंह ने भी बीते छह सितंबर को ई-मेल के जरिए चयन बोर्ड को अपना त्यागपत्र भेज दिया। 1हालांकि इसमें उन्होंने इस्तीफे की तारीख छह अक्टूबर दर्ज की है और चयन बोर्ड की आपत्ति के बाद भी उन्होंने इस्तीफे में कोई बदलाव करने से इन्कार कर दिया। चयन बोर्ड ने पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। शासन की ओर से कहा गया है कि एक सदस्य की वजह से नये आयोग गठन को लंबे समय तक लटकाया नहीं जा सकता है। ऐसे में डा. आशालता का त्यागपत्र छह सितंबर की तारीख से ही मंजूर करने की तैयारी है। 1आयोग अध्यक्ष व सभी सदस्यों के इस्तीफे के बाद नया आयोग को लेकर प्रक्रिया भी अब आगे बढ़ चली है। पिछले महीने तैयार हुए ड्राफ्ट को अंग्रेजी में अनुवाद करके नये सिरे से शासन को भेज दिया गया है। माना जा रहा है कि शासन की उच्च स्तरीय समिति जल्द ही बैठक करके इस संबंध में निर्णय लेगी। संभव है कि इसी माह कैबिनेट की बैठक में नये आयोग गठन पर मुहर लग जाएगी। चयन बोर्ड में उसी दिशा में कार्य हो रहा है।
- कैबिनेट के फैसले से शिक्षामित्र नाराज, -संयुक्त आंदोलन की योजना बनाने का ऐलान
- Q&A में जानें क्या है शिक्षामित्रों का मामला
- संयुक्त समायोजित शिक्षक/ शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा ने दी आंदोलन की चेतावनी
- सरकार की शिक्षामित्रों के प्रति पूरी सहानुभूति , शिक्षामित्रों के हितों को लेकर संवेदनशील : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार पर लगाया उपेक्षा का आरोप
- योगी कैबिनेट ने बढ़ाई शिक्षा मित्रों की सैलरी, दिन में पुलिस ने किया था लाठीचार्ज
- एक अगस्त से प्रदेश के 1,69,157 शिक्षामित्रों को यह मानदेय मिलेगा

sponsored links:
ख़बरें अब तक - 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती - Today's Headlines
ليست هناك تعليقات:
إرسال تعليق