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सीबीआइ जांच की समय सीमा पर तेवर तल्ख: कर्मचारी चयन आयोग की भर्तियों की जांच का मामला, मुख्यालय पर जांच शुरू होने के बाद भी थम नहीं रहा आंदोलन

इलाहाबाद : कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की भर्तियों में भ्रष्टाचार के आरोप, जांच की समय सीमा व प्रतियोगियों का आंदोलन खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। जांच को हरी झंडी मिलने के बाद मुख्यालय पर सीबीआइ जांच शुरू भी हो चुकी है, संभव है कि जल्द ही उसके नतीजे भी सामने आएं।
वहीं, मध्य क्षेत्र के क्षेत्रीय कार्यालय पर प्रतियोगी जांच की समय सीमा बढ़ाने की रट लगाए हैं। 1एसएससी मध्य क्षेत्र का क्षेत्रीय कार्यालय के आसपास परिसर इन दिनों आंदोलन स्थली बना है। इस आंदोलन के मूल में सीजीएल यानि संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा 2017 टियर टू है। यह इम्तिहान देश भर में बीते 17 से 22 फरवरी तक हो रहा था, तभी 21 फरवरी की परीक्षा के दिन सुबह 10 से 12 बजे तक होने वाली परीक्षा शुरू हुई। प्रतियोगी इम्तिहान दे रहे थे, वहीं करीब 10.50 बजे अफसरों ने पाया कि वेबसाइट पर गलत पेपर लोड हो गया है और प्रतियोगियों ने उसे ही डाउनलोड कर लिया है। ऐसे में परीक्षा रोककर दूसरा पेपर अपलोड कराया गया और 12.20 से 2.20 तक परीक्षा हुई। इससे दूसरी पाली में 3.30 से 5.30 बजे तक होने वाला इम्तिहान भी प्रभावित हुआ वह चार से छह बजे के बीच कराया गया। इससे प्रतियोगियों ने एसएसपी ने पेपर लीक होने का आरोप लगाया, वहीं तमाम ने यह भी कहा कि प्रश्नपत्र बदलने से वह पूरे मनोयोग से परीक्षा नहीं दे सके। ऐसे में 21 फरवरी का पेपर निरस्त करके नौ मार्च को दोबारा इम्तिहान कराया गया। इसके बाद भी प्रतियोगियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और पेपर लीक की सीबीआइ जांच की मांग की। केंद्र सरकार ने आंदोलन को देखकर पेपर लीक के आरोप की जांच कराने के निर्देश दिए। उस समय मुख्यालय पर फिर प्रतियोगियों ने सीजीएल टू टियर 2017 के पांचों दिन की जांच की मांग उठाई। सरकार ने उसे भी मान लिया और जांच के आदेश हो गए। पिछले दिनों सीबीआइ ने इसकी पीई दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब प्रतियोगियों ने एसएससी की 2013 से लेकर अब तक हुई सभी परीक्षाओं की जांच की मांग शुरू कर दी है। वहीं, अभ्यर्थी कहते हैं कि एसएससी से उनका भविष्य अंधकार में हैं, जांच होने से सच्चाई सामने आएगी।



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