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अब प्रोन्नति से ही बनेंगे राजस्व निरीक्षक, लेखपालों की बल्ले-बल्ले

 लखनऊ : उत्तर प्रदेश अधीनस्थ राजस्व कार्यपालक (राजस्व निरीक्षक) सेवा नियमावली-2014 में संशोधन करके राजस्व निरीक्षक के पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया समाप्त कर दी गई है।
पहले 25 फीसद पद सीधी भर्ती और 75 फीसद प्रोन्नति से भरे जाते थे लेकिन, सोमवार को लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में पूरी प्रक्रिया में बदलाव करते हुए अब सभी पद प्रोन्नति से भरे जाने का फैसला किया गया है। इस बैठक में दस और महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर कैबिनेट ने मुहर लगाई है। 1शाम को सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा और सिद्धार्थनाथ सिंह ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। श्रीकांत शर्मा ने बताया कि राजस्व निरीक्षक के 4281 पद स्वीकृत हैं। अभी तक 75 फीसद प्रोन्नति से भरे जाते थे जिसमें 55 फीसद लेखपाल, 18 प्रतिशत संग्रह अमीन और दो प्रतिशत भू-अर्जन अमीन को प्रोन्नत कर भरे जाते थे। शर्मा ने बताया कि लेखपालों का कोटा कम होने से पदोन्नति के अवसर सीमित थे। लेखपालों को पदोन्नत कर अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए सीधी भर्ती की प्रक्रिया समाप्त कर दी गई है। सीधी भर्ती के 25 फीसद कोटे को इन कर्मियों में बांट दिया गया है।
इसमें 21 फीसद लेखपाल और चार फीसद संग्रह अमीन के लिए आवंटित किया गया है। इस तरह अब राजस्व निरीक्षक के पदों पर 76 फीसद लेखपाल, 22 फीसद संग्रह अमीन और दो फीसद भू-अर्जन अमीन को प्रोन्नति का अवसर मिलेगा। फैसले का सर्वाधिक लाभ लेखपालों को मिलेगा।
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