दिल्ली – राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान द्वारा दो वर्षीय
डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन कोर्स यानी डीएलएड कर रहे सेवारत
अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए एक बड़ी खबर। सभी राज्यो में प्रशिक्षु शिक्षक
राज्य सरकारो द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रारंभिक शिक्षक पात्रता
परीक्षा टीईटी में शामिल हो सकते हैं।
सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत
मांगी गई सूचना के जवाब में एनओआइएस के प्रमुख जन सूचना अधिकारी डॉ. आरएन
मीना ने यह महत्वपूर्ण जानकारी दी है। इस जवाब की प्रति एनओआइएस के
क्षेत्रीय निदेशक डॉ. संध्या कुमार को भी भेजी गई है. 31 मई से शुरू होकर
दो जून तक चलने वाली डीएलएड के प्रथम वर्ष की परीक्षा में शामिल होने वाले
अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा पास कर सरकारी स्कूलों में
नौकरी पाने के द्वार खुल गए हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश सहित देशभर में कई
राज्यों से करीब 15 लाख अप्रशिक्षित शिक्षक डीएलएड की परीक्षा में शामिल
होने वाले हैं। आरटीआइ के तहत बिहार के एक आवेदक ने सवाल पूछा कि मैं एक
गैर सरकारी शिक्षक हूं और एनआइओएव से डीएलएड कर रहा हूं। क्या बिहार सरकार
द्वारा आयोजित टीइटी परीक्षा में बैठ सकता हूं। प्रमुख जन सूचना अधिकारी
डॉ. आर एन मीना ने जवाब दिया कि आप बिहार राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा
बीटीइटी के लिए प्रकाशित विज्ञापन में दी गई पात्रता मानदंडों के अनुसार
पात्र हैं। 23 अप्रैल 2018 को भेजे गए अपने पत्र में उन्होंने यह भी लिखा
है कि यदि आप इस उत्तर से संतुष्ट नहीं हैं तो प्रथम अपीलीय प्राधिकारी
यानी राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के नोएडा स्थित शैक्षिक
निदेशक के पते पर सम्पर्क कर सकते हैं। इस मामले में भारतीय स्वतंत्र
शिक्षक संघ के प्रदेश संयोजक सह अधिवक्ता संतोश कुमार शर्मा का कहना है कि
टीइटी के लिए आइंदा विज्ञापन प्रकाशित होने पर डीएलएड के सभी प्रशिक्षु
शिक्षक आवेदन करने के पात्र होंगे। दो वर्षीय यह पाठ्यक्रम मई 2019 में
पूर्ण होने की संभावना है। अभी तक लोगो में यह भ्रम था की डीएलएड करने के
बाद भी सरकारी स्कूलों में भर्ती प्रक्रिया में ऐसे लोग भाग नही ले सकते
है। RTE की प्रथम चरण की छूट 31 मार्च 2015 से भारत सरकार ने बढ़ा कर 31
मार्च 2019 तक कर दी है। इस के अंतर्गत राज्य सरकारों द्वारा 31 मार्च 2015
से पूर्व रखे गये सभी पैराटीचर , अनुदेशक, शिक्षामित्र को यह प्रशिक्षण
करना अनिवार्य किया गया था। लेकिन अनुभव के आधार पर किसी संविदा कर्मी को
टेट से छूट की बात नही कही गई थी। प्रथम चरण की छूट 31 मार्च 2015 समय सीमा
तक देते समय भारत सरकार ने 3 सितम्बर 2001 के अंतर्गत राज्यसरकार की
प्रचलित भर्ती नियमो के अंतर्गत रखे गये ऐसे अप्रशिक्षित अध्यापको को टेट
से छूट दी थी जो 23 अगस्त 2010 से पूर्व अप्रशिक्षित योग्यता मानक के
अनुसार राजय सरकार के नियमानुसार य 3 सितम्बर 2001 के नियमानुसार
अप्रशिक्षित नियुक्त होकर लगातार सेवारत है।31 मार्च 2019 तक की छूट में
सभी संविदा कर्मचारियों को प्रशिक्षित कराने के लिए कहा गया लेकिन किसी भी
श्रेणी के लोगो को टेट छूट देने की बात नही कही गई है। कुल मिला ऐसे सभी
कर्मचारी राज्य सरकारोँ की अनुकम्पा पर पूर्व की भाँति कार्य करते रहेगे और
सहायक अध्यापक बनने के लिए टेट पास कर खुली भर्ती में आवेदन कर अध्यापक बन
सकते है।
-देवेन्द्र प्रताप सिंह कुशवाहा
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