संतकबीर नगर : परिषद के प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षा मित्र अब
अपने मूल विद्यालय पर तैनात होंगे। मूल विद्यालय मांगने वालों को पहले अपने
विद्यालय पर उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
समायोजित महिला शिक्षामित्रों से
मूल, वर्तमान, पति के घर व ससुराल में तैनाती का विकल्प लिया गया है।
विकल्प न देने पर महिला शिक्षामित्र समायोजित वर्तमान विद्यालय पर ही तैनात
रहेंगी। ¨कतु मूल विद्यालय पर दूसरे शिक्षा मित्र की दावेदारी पर उन्हें
हटाया भी जा सकता है।
इसके अनुपालन में सभी 1559 शिक्षा मित्रों को लेकर कसरत चल रही है। अब
सभी समायोजित व शिक्षामित्र अपने मूल तैनाती स्थल पर वापस होंगे। समायोजन
निरस्त होने के बाद इन्हें शिक्षक की श्रेणी में नहीं गिना जा रहा है।
पूर्व में शिक्षक पद पर समायोजित शिक्षा मित्रों को मूल विद्यालय में वापस
करने के फरमान था। इसके लिए 31 जुलाई तक संबंधित ब्लाक में शिक्षामित्रों
से स्थानांतरण के लिए आवेदन मांगा गया है। इसमें पूर्व में शिक्षक पद पर
समायोजित शिक्षामित्र कार्यरत विद्यालय/ मूल विद्यालय जाना चाहते है। ऐसी
समायोजित महिला शिक्षा मित्र जो वर्तमान तैनाती एवं मूल विद्यालय के
अतिरिक्त अन्य विद्यालय ससुराल, पति के घर ग्राम में जाना चाहती है
निर्धारित प्रारूप पर आवेदन दिया। बीएसए सत्येंद्र कुमार ¨सह ने बताया कि
मूल विद्यालय/ अन्य विद्यालय पर समायोजित किया जाएगा।
सोमवार से प्रक्रिया प्रारंभ होगी। इसके बाद शिक्षकों का समायोजन होगा।
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दो चरण में हुआ था समायोजन
जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग में 2001 से शिक्षामित्रों की तैनाती हुई।
प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई कराने वाले शिक्षा मित्रों को शिक्षक बनाने
की पहल तत्कालीन प्रदेश सरकार द्वारा की गई। इसके बाद का शिक्षक पद पर
समायोजन की प्रक्रिया शुरू हुई। जिले में तैनात करीब 1600 शिक्षकों पहले
चरण में एक अगस्त 2014 को 553 शिक्षामित्रों का समायोजन हुआ। इसके बाद
दूसरे चरण में 886 को शिक्षक पद पर समायोजित कर दिया गया। 137 शिक्षक का
समायोजन अधर में ही पड़ा रहा, कुछ दूसरे व्यवसाय में जुट गए।
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मूल व वर्तमान विद्यालय को लेकर संशय
परिषद के प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षामित्रों पर एक बार फिर
संकट आ पड़ा है। पिछले सत्र में शिक्षक पद से समायोजन निरस्त होने के बाद इस
सत्र से तैनाती को लेकर सवाल खड़ा है। इसके बाद मूल तैनाती पर भेजने व
वर्तमान विद्यालय पर ही बने रहने की मांग उठी। महिलाओं ने शादी के बाद
ससुराल / पति के घर के निकटतम स्थल पर तैनाती की मांग भी उठाई गई। जुलाई
में बेसिक शिक्षा से मूल विद्यालय पर भेजने का आदेश पारित हुआ। पांच अगस्त
तक प्रक्रिया पूरी की तैयार चल ही रही थी कि अचानक शिक्षा निदेशक का नया
फरमान आ गया। समायोजित महिला शिक्षा मित्रों को तीन में से कोई एक विकल्प
चुनने के लिए 24 घंटे से भी कम समय दिया गया।
बच्चों की संख्या की गणित देखकर उलझन में है। अब मूल व वर्तमान तैनाती
दोनों का मोह भंग होता दिख रहा है। इसके लिए एक दूसरे से हटने व न हटने के
लिए गुहार भी लगाई गई। सब कुछ करने के बाद भी शिक्षा मित्र तैनाती को लेकर
उहापोह में पड़े हुए है।
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