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शिक्षक भर्ती घोटाले पर पर्दा डाल रहे अफसर

मुरादाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भर्ती का घोटाला पूरे प्रदेश में सुर्खियों में हैं। एसटीएफ कई जिलों में फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा लिखाकर इनमें से कई को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में फर्जी मिले शिक्षकों के खिलाफ सभी जिलों में मुकदमे हो चुके हैं।
मुरादाबाद में भी 43 शिक्षकों की नियुक्ति जांच में फर्जी पाई गई थी। एसडीएम ने अपनी जांच में इन नियुक्तियों को फर्जी बताते हुए करीब दो माह पहले सभी की नियुक्ति फाइल सील करके डीएम को कार्रवाई के लिए सौंप दी थीं। लेकिन संबंधित शिक्षकों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जिले में तैनात रहे एसडीएम शैलेंद्र कुमार ने शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच की थी। उन्हाेेंने विस्तृत जांच के बाद 43 शिक्षकों की भर्ती की पत्रावली सील कर दी थीं। एसडीएम ने इन नियुक्तियों को फर्जी मानते हुए इनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी। लेकिन डीएम ने दोबारा से शिक्षकों का पक्ष सुनने के लिए एक कमेटी बना दी थी। यह कमेटी अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रीति जायसवाल के नेतृत्व में गठित की गई थी। बीएसए और एसपी सिटी को भी इस कमेटी में रखा गया है। कमेटी को गठित हुए करीब दो माह का समय बीत चुका है, लेकिन कमेटी ने अभी तक इस मामले की जांच शुरू तक नहीं की है। एसडीएम की जांच में फर्जी पाए गए शिक्षक पूर्व की तरह ही अपने स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। उनका वेतन भी विभाग से हर माह जारी हो रहा है। मथुरा समेत प्रदेश के कई जिलों में एसटीएफ ने शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की हैं। फर्जी नियुक्ति जैसा संवेदनशील मामले में मुरादाबाद में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।


शिक्षकाें की फर्जी नियुक्ति के मामले की जांच मुझे मिली है। चुनाव, त्योहार अन्य जरूरी ड्यूटियों में व्यस्तता की वजह से अभी इस पर काम शुरू नहीं हो सका है। जल्द जांच पूरी करके रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। - प्रीति जायसवाल, अपर जिलाधिकारी, (वित्त एवं राजस्व)।

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