यूपी में योगी सरकार ने उर्दू टीचर्स की भर्ती को लेकर चौकाने वाली
घोषणा की है। उर्दू शिक्षकों की भर्ती यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश
यादव के राज में शुरू हुई थी। अब इस भर्ती को कैंसिल कर दिया है। यह घोषणा
यूपी के बेसिक एजुकेशन डिपार्टमेंट के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी ने की है।
यह
रिक्रूटमेंट उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन बोर्ड और उत्तर प्रदेश बेसिक
शिक्षा परिषद के तहत शुरू किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक रिक्रूटमेंट को
इसलिए कैंसिल किया गया क्योंकि डिपार्टमेंट को उर्दू टीचर्स की जरूरत नहीं
है। इसलिए नए रिक्रूटमेंट की कोई आवश्यकता नहीं है।
साल 2016 में यूपी में कुल 16,460 टीचर्स की भर्ती निकाली गई थी, जिसमें
4,000 पोस्ट उर्दू के टीचर्स के लिए थीं। 15 दिसंबर 2016 को अखिलेश यादव
के शासन काल में प्राथमिक विद्यालयों के लिए उर्दू शिक्षकों की भर्ती शुरू
हुई थी। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 23 दिसंबर, 2016 से शुरू की गई थी, और
आवेदन जनवरी 2017 तक जमा किए गए थे। काउंसलिंग की तारीख मार्च 2017 घोषित
की गई थी, लेकिन इस समय के दौरान राज्य की सरकार चुनाव के बाद बदल गई। ये
भर्ती 12,460 सहायक अध्यापक भर्ती के साथ शुरू की गई थी। इन दोनों पर सरकार
बदलते ही रोक लग गई थी। अभ्यर्थियों के आंदोलन के बाद 12,460 शिक्षकों की
भर्ती तो शुरू कर दी गई लेकिन उर्दू भर्ती की प्रक्रिया ठप पड़ी थी। इसके
लिए 11 हजार अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था।
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Social Media Link
Advertisement
Breaking News
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं का प्रमोशन जल्द
- 26 मई 1999 का शासनादेश: जिसमे अध्यापक के रिक्त पद के सापेक्ष शिक्षामित्रों की नियुक्ति पैरा टीचर के रूप में की गयी थी,देखें आदेश की प्रति
- आचार्य और अनुदेशकों को कराई जाएगी बीटीसी, शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग से मांगी सूची
- 2011 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी का विरोध
- आउटसोर्सिंग से होगी एजुकेटर की भर्ती, मिलेगा 10313 रुपये मानदेय
Govt Jobs : Opening
उत्तर प्रदेश में बीटीसी चौथे सेमेस्टर का पेपर लीक होने के चलते परीक्षा निरस्त करने से नाराज छात्रों ने मंगलवार को लखनऊ में एसीसीईआरटी कार्यालय का घेराव किया. छात्रों का कहना है कि निरस्त की गई सभी परीक्षा 15 से 17 अक्टूबर के बीच खत्म कराई जाए. इसके साथ ही 4 नवंबर को होने वाले टीईटी की तिथि को भी एक महीना आगे बढ़ाया जाए. बता दें 8 से 10 अक्टूबर के बीच होने वाली बीटीसी परीक्षाओं के पेपर लीक होने के चलते परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने इन परीक्षाओं को निरस्त किया है. फिलहाल परीक्षा की नई तिथियां जारी नहीं की गई हैं. प्रदर्शन करने पहुंचे छात्रों का कहना है कि 4 नवंबर को टीईटी का आयोजन होना है. इसके बाद सरकार 97 हजार पदों पर शिक्षक भर्ती लाने जा रही है. अगर उनका बीटीसी जल्द पूरा नहीं हुआ तो वह इस भर्ती से वंचित रह जाएंगे. इसीलिए बीटीसी छात्र न सिर्फ निरस्त परीक्षाओं को जल्द कराने की मांग कर रहे हैं बल्कि टीईटी का आयोजन टालने पर भी अड़े हैं. बीटीसी छात्र अंकित प्रभाकर, अनामिका और सर्वेश प्रताप सिंह का कहना है कि हमारी मांग है कि जो परीक्षाएं रद्द हुई हैं, इसकी तारीख 15, 16, 17 अक्टूबर को निर्धारित करके दें. वहीं टीईटी की होने वाली परीक्षाओं को कम से कम एक महीना आगे बढ़ाएं, ताकि हम उन परीक्षाओं में बैठ सकें. सरकार इसके लिए हमें लिखित आश्वासन दे.
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें