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यूपीपीएससीः विवादों में फंसे कई परीक्षाओं के परिणाम

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से आयोजित कई परीक्षाओं के परिणाम विवादों में फंसे हैं। आयोग ने परीक्षाएं तो करा दीं, लेकिन बाद में इन परीक्षाओं को लेकर कोई न कोई विवाद खड़ा गया है। इनमें एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा, आरआई टेक्निकल परीक्षा, पीसीएस-2018 की प्रारंभिक परीक्षा आदि शामिल हैं।
हालांकि, आयोग ने शनिवार को एलटी ग्रेड परीक्षा के दो विषयों का परिणाम जारी किया है। आयोग इन परीक्षाओं का परिणाम इसलिए जारी कर सका, क्यों कि इन विषयों को लेकर कोई विवाद नहीं था। इसके अलावा ज्यादातर विषयों में कोई न कोई विवाद है और तकरीबन डेढ़ हजार रिटें कोर्ट में दाखिल हैं। आयोग ने एलटी ग्रेड परीक्षा के तहत केवल 27 पदों का परिणाम जारी किया है जबकि भर्ती 10 हजार से अधिक पदों पर होनी है। बाकी जिन विषयों में विवाद है उनके परिणाम को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। अन्य विषयों के परिणाम कब जारी किए जाएंगे, यह बात आयोग अभी स्पष्ट करने को तैयार नहीं है।

इसके अलावा आरआई टेक्निकल के 79 पदों पर भर्ती होनी है। इसके लिए लिखित परीक्षा और इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस परीक्षा का परिणाम भी फंसा हुआ है। आयोग के सूत्रों का कहना है कि इसमें भी कुछ विधिक अड़चन आ गई है और इसी वजह से परिणाम जारी नहीं हो पा रहा है। आयोग ने इस माह की शुरुआत में पीसीएस-2018 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित करने की तैयारी कर रखी थी लेकिन उसी वक्त प्रारंभिक परीक्षा की ओएमआर कॉपी से जुड़ा विवाद सामने आ गया और परिणाम फंस गया। इस परीक्षा के तहत पीसीएस के 831 पदों पर भर्ती होनी है। विवादों के कारण लाखों अभ्यर्थी उहापोह की स्थिति में हैं और उनकी अन्य परीक्षाओं की तैयारियां भी प्रभावित हो रही हैं।

उत्तर प्रदेश लेकर सेवा आयोग ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के तहत दो विषयों का परिणाम तो घोषित कर दिया लेकिन उत्तरकुंजी और कटऑफ अंक जारी नहीं किए। इससे अभ्यर्थी भड़के हुए हैं। युवा मंच संयोजक राजेश सचान ने इस मामले में आयोग की मंशा पर सवाल उठाए हैं।

हालांकि, दो विषयों का परिणाम जारी करने के साथ ही आयोग के सचिव जगदीश यह स्पष्ट कर चुके हैं कि परीक्षा परिणाम से संबंधित प्राप्तांक एवं श्रेणीवार/पदवार  कटऑफ अंक जल्द ही आयोग की वेबसाइट पर प्रदर्शित कर दिए जाएंगे और इस आशय की सूचना अलग से दी जाएगी। ऐसे में इस संबंध में सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत प्रार्थना पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सचिव ने प्राप्तांक एवं कटऑफ के बारे में तो बता दिया लेकिन उत्तरकुंजी जारी नहीं हो सकेगी, क्योंकि उत्तरकुंजी परिणाम से पहले जारी की जाती है ताकि अभ्यर्थी गलत सवालों पर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकें। परिणाम आने के बाद उत्तरकुंजी जारी होने की अब कोई गुंजाइश नहीं है।

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