लखनऊ: प्रदेश में मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण में गणना चरण बीतने के बाद जिन मतदाताओं के पुरानी मतदाता सूची से रिकार्ड मिल गए हैं उन्हें अतिरिक्त कोई भी दस्तावेज नहीं देना होगा।
हालांकि नो मैपिंग के कारण ऐसे मतदाताओं के पास नोटिस आएगा। नोटिस मिलने पर पुरानी मतदाता सूची के रिकार्ड आनलाइन या फिर बीएलओ के जरिये अपलोड कराया जा सकता है। इसके बाद अन्य प्रमाणपत्र नहीं देना होगा। सुनवाई के दिन उन्हें केंद्र पर जाना तो पड़ेगा लेकिन उनका समय बेहद कम लगेगा।एपिक से इस तरह जोड़ा जा सकता है मोबाइल नंबरः
मतदाताओं के लिए वोटर आइडी (एपिक) के साथ मोबाइल नंबर जोड़ना भी बेहद आसान हो गया है। ईसीआइनेट मोबाइल एप और वेबसाइट electoralsearch.eci. nic.in पर जाकर मोबाइल नंबर दर्ज करने के लिए फार्म-8 भरना होगा। इसमें एपिक नंबर, राज्य और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करना होगा। 'व्यक्तिगत विवरण में संशोधन' के अंतर्गत मोबाइल नंबर अपडेट करें। जानकारी जांचने के बाद फार्म-8 सबमिट करें। स्क्रीन पर आवेदन संख्या दिखाई देगी, जिससे आवेदन की स्थिति बाद में देखी जा सकती है। केवल मोबाइल नंबर पांच से 10 मिनट में जुड़ जाता है।
दावे व आपत्तियों के लिए तिथियां त्यः
एसआइआर अभियान के तहत प्रदेश में तीन विशेष अभियान की तिथियां निर्धारित कर दी गई हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि छह फरवरी तक है। इस अवधि में मतदाताओं की सुविधा के लिए 18 जनवरी, 31 जनवरी और एक फरवरी को विशेष अभियान चलाया जाएगा।
ऐसे अपलोड करें प्रमाणपत्र
सबसे पहले मतदाता वोटर सर्विस पोर्टल voters.eci.gov.in पर जाएं।
होम पेज पर लागिन के विकल्प पर क्लिक कर यहां अपना एपिक नंबर और पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें।
मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को दर्ज कर लागिन प्रक्रिया पूरी करें।
लागिन के बाद डैशबोर्ड पर उपलब्ध एसआइआर नोटिस का विकल्प चुनें। यहां मतदाता अपना नोटिस देख सकते हैं।
मांगे गए प्रमाणपत्रों की सूची देखें और संबंधित दस्तावेज स्कैन या फोटो के रूप में तैयार रखें।
निर्धारित स्थान पर प्रमाणपत्र अपलोड करें। अपलोड करने से पहले देख लें कि दस्तावेज स्पष्ट और पढ़ने योग्य हैं या नहीं।
सभी दस्तावेज अपलोड होने के बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें। स्क्रीन पर अपलोड का कन्फर्मेशन दिखाई देगा।
