पुलिस ने बयान में दोनों सह-शिक्षकों से घटना की तारीख, रुपये कब-कब लिए गए और सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों के बारे में बिंदुवार पूछताछ की। सह-शिक्षकों ने दावा किया कि कृष्ण मोहन सिंह की ओर से देवरिया की बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव और बाबू संजीव सिंह पर लगाए गए आरोप सही हैं।
गुलरिहा पुलिस ने शिक्षक की पत्नी गुड़िया सिंह की तहरीर पर बीएसए और बाबू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। सुसाइड नोट में कृष्ण मोहन सिंह ने लिखा था कि उनके साथ अन्य दो सहायक अध्यापकों ने भी बहाली के लिए 16-16 लाख रुपये दिए थे। बावजूद इसके भुगतान और सेवा बहाली की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी, जिससे वे क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर रहे हैं। सह-शिक्षकों ने बताया कि रुपये अक्सर रविवार को ही लिए जाते थे। सीसीटीवी फुटेज में तीनों शिक्षक बीएसए और बाबू से मिलते हुए भी दिखाई दिए।
थाना प्रभारी इत्यानंद ने बताया कि मामले में सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जांच पूरी गंभीरता के साथ चल रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाकर जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी। पुलिस की एक टीम बृहस्पतिवार को देवरिया गई और बीएसए की तलाश में उनके आवास पर गई लेकिन वहां ताला लगा मिला। पड़ोसियों से पूछताछ के बाद टीम देर शाम लौट आई।

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