बस्ती : माध्यमिक शिक्षा परिषद के राजकीय विद्यालय गुरुजी बिन सूने हो
गए हैं। प्रवक्ता, सहायक अध्यापक की तो बात छोड़िए इन विद्यालयों की अगुवाई
करने को प्रधानाचार्य तक नहीं हैं। अब सोचिए, यहां शिक्षा का हाल क्या
होगा। सबकुछ भगवान भरोसे है।
नए और पुराने सभी राजकीय माध्यमिक स्कूल अपने
अस्तित्व के लिए जूझ रहे हैं। कुछ तो बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं।
नाम मात्र की छात्रसंख्या रह गई है। परिषद के शिक्षा की गाड़ी सहायता
प्राप्त और वित्तविहीन यानी निजी माध्यमिक स्कूल ही खींच पा रहे हैं।
सरकारी स्कूल तो सिर्फ दिखावा होकर रह गए हैं। फिर भी दावे बुलंदियों वाले
हों तो व्यवस्था पर सवाल उठेगा ही। जनपद में 6 राजकीय इंटर कालेज और 16
राजकीय हाईस्कूल समेत 22 विद्यालय संचालित हैं। मगर यहां शिक्षकों की
पर्याप्त तैनाती ही नहीं है। अधिकांश स्कूल में दहाई से भी कम शिक्षक
सरकारी शिक्षा का बेड़ा पार लगा रहे हैं। दुर्भाग्य इसमें से एक भी विद्यालय
में प्रधानाचार्य नहीं है। इस साल उम्मीद लगाई गई थी कि सरकारी स्कूलों
में शिक्षकों की तैनाती होगी मगर शैक्षणिक सत्र आधा समाप्त होने को है अभी
तक कोई कवायद छिड़ी ही नही। सभी राजकीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक के
सृजित 196 पद के सापेक्ष केवल 56 सहायक अध्यापकों की तैनाती है। 140 पद
वर्षों से रिक्त चल रहे हैं। प्रवक्ता पद पर भी यही हाल है। श्रृंगीनारी और
गोटवा स्थित राजकीय इंटर कालेज में 10-10 प्रवक्ता पद सृजित हैं। लेकिन एक
भी प्रवक्ता इन स्कूलों में अभी तक तैनात नहीं है। सोनबरसा और कछिया इंटर
कालेज में 9-9 प्रवक्ता के पद सृजित हैं लेकिन यहां एक भी प्रवक्ता नहीं
हैं। जीआइसी में 9 और जीजीआइसी में 8 प्रवक्ता के पद खाली हैं। कुल मिलाकर
68 प्रवक्ता की जगह केवल 13 प्रवक्ता की तैनाती है। यहीं वजह है कि इन
स्कूलों में सत्र भर सन्नाटा पसरा रहता है। इन स्कूलों में अब पढ़ाई नहीं
केवल हाजिरी लगाई जाती है।
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जीआइसी का है यह हाल
नजीर के रूप में सबसे पुराने और प्रतिष्ठित राजकीय इंटर कालेज का हाल
जानिए। यहां 6 से 12 तक की पढ़ाई होती है। यह आजादी के पहले का विद्यालय
है। यहां तब जो शिक्षकों के पद सृजित हुए थे वही नहीं पूरा हो पा रहा है।
सामाजिक विज्ञान में सहायक अध्यापक के 9 में से 7 पद रिक्त हैं। केवल 2
कार्यरत हैं। अंग्रेजी विषय में केवल एक शिक्षक की तैनाती है। एक रिक्त है।
विज्ञान और गणित विषय में पांच की जगह 3 तैनात हैं। 2 पद रिक्त चल रहे
हैं। जीव विज्ञान विषय में 4 में से 2 पद रिक्त हैं। केवल 2 तैनात हैं।
उर्दू शिक्षक यहां रिटायर हुए तब से नया कोई आया ही नहीं। वाणिज्य और कृषि
विषय के भी शिक्षक नहीं रह गए हैं। प्रवक्ता 15 की जगह 6 कार्यरत हैं। 9 पद
खाली हैं। स्थाई प्रधानाचार्य भी कोई नहीं है।
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राजकीय विद्यालयों में तैनाती और रिक्त पदों की रिपोर्ट हर वर्ष शासन
को भेजी जाती है। शिक्षकों की डिमांड भी की जा चुकी है। आयोग की भर्ती के
बाद ही इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हो पाएगी। वैसे वैकल्पिक
व्यवस्था में कुछ सेवानिवृत्त शिक्षकों की भर्ती की गई है।
बृजभूषण मौर्य, जिला विद्यालय निरीक्षक, बस्ती।
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आकड़ों पर एक नजर
जनपद में राजकीय माध्यमिक विद्यालय- 22
राजकीय इंटर कालेज- 6
प्रधानाचार्य- एक भी नहीं
राजकीय इंटर कालेज कछिया-
प्रवक्ता के 9 पद, तैनाती- शून्य
राजकीय इंटर कालेज सोनबरसा
प्रवक्ता के 9 पद- तैनाती- शून्य
राजकीय इंटर कालेज श्रृंगीनारी-
प्रवक्ता 10 पद- तैनाती- शून्य
राजकीय इंटर कालेज गोटवा
प्रवक्ता 10 पद- तैनाती- शून्य
जीआइसी बस्ती-
प्रवक्ता- 15 पद, तैनाती- 6, रिक्त-9 पद
जीजीआइसी बस्ती-
प्रवक्ता- 15 पद, तैनाती- 7, रिक्त- 8 पद
सभी स्कूलों में सहायक अध्यापक के सृजित पद- 196
तैनाती- 56, रिक्त पद- 140
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