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UP ELECTION: हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछी चुनाव की तारीख, लखनऊ बेंच ने 22 दिसंबर तक आयोग से मांगा जवाब

लखनऊ : हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने केंद्रीय चुनाव आयोग से पूछा है कि क्या प्रदेश के विधानसभा चुनावों के संबंध में तारीखें तय कर ली गई हैं या क्या इस संबंध में कोई प्रस्ताव तैयार किया गया है। न्यायालय ने चुनाव आयोग को इस संबंध में 22 दिसंबर तक जवाब देने का आदेश दिया है।
1यह आदेश न्यायमूर्ति एपी शाही व न्यायमूर्ति यूसी श्रीवास्तव की खंडपीठ ने प्रतिमा पाण्डेय की जनहित याचिका पर दिए। याचिका में मांग की गई है कि विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च में न कराकर अप्रैल-मई में कराए जाएं, क्योंकि जनवरी व फरवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है और मार्च में यूपी बोर्ड की परीक्षाओं का समय रहता है। 1कहा गया कि ऐसा प्रतीत होता है कि चुनाव आयोग फरवरी-मार्च में ही चुनाव करा सकता है, क्योंकि उसने यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडियट का परीक्षा कार्यक्रम रद कर दिया गया है और यूपी बोर्ड से कहा गया है कि परीक्षाओं की तिथि आयोग से विचार विमर्श के बाद ही घोषित की जाए। 1याची की ओर से अधिवक्ता अशोक पांडे का तर्क था कि जन प्रतिनिधित्व कानून की धारा 15 के तहत चुनाव आयोग को मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने से छह माह पहले चुनाव कराने का अधिकार है, लेकिन आयोग को इस शक्ति का प्रयोग उचित प्रकार से करना चाहिए। उन्होंने
तर्क दिया कि आमतौर पर देखा गया है कि अधिक ठंड में चुनाव होने पर कम लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। साथ ही प्रत्याशियों को भी प्रचार करने में काफी दिक्कत होती है। 1कहा गया कि आयोग को चुनाव में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित कराने के लिए चुनाव अप्रैल-मई में ही कराने चाहिए। यह तर्क भी दिया गया कि आयोग को कोई जल्दी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 27 मई, 2017 तक है। याचिका पर सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग के अधिवक्ता ने इस संबंध में आयोग से समुचित जानकारी लेने के लिए समय की मांग की, जिसे न्यायालय ने प्रदान कर दिया।

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