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एलटी पुरुष संवर्ग के शिक्षकों ने मांगी पदोन्नति, राजकीय शिक्षक संघ ने राज्यपाल को भेजा ज्ञापन

इलाहाबाद : राजकीय शिक्षक संघ ने राजकीय विद्यालयों में कार्यरत एलटी (पुरुष) संवर्ग की रोकी गई पदोन्नति की डीपीसी करने की मांग की है। इस संबंध में संघ ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजा है।

इसमें कहा गया है कि वर्ष 2014 से पदोन्नति रुकी हुई है, जबकि अन्य शाखाओं जैसे एलटी (महिला), प्रवक्ता (महिला), प्रवक्ता (पुरुष) की पदोन्नति हो चुकी है। अधीनस्थ राजपत्रित पदों पर पुरुष शाखा में 55 प्रतिशत एलटी पुरुष संवर्ग एवं 45 प्रतिशत पद प्रवक्ता पुरुष संवर्ग के निर्धारित हैं। आगे समूह ख के पदों पर पदोन्नति के लिए वरिष्ठता का निर्धारण भी सम्मिलित रूप से एक प्रवक्ता, एक एलटी की व्यवस्था से होता है लेकिन पूर्व निदेशक (माध्यमिक) अमरनाथ वर्मा ने एलटी शाखा के अध्यापकों की गोपनीय आख्या प्राप्त होने के बाद पदोन्नति यह कहकर रोक दी कि वरिष्ठता संबंधी विवाद न्यायालय में लंबित है, जबकि पदोन्नति अनायास रोकी गई है।
संघ के प्रांतीय अध्यक्ष सुनील कुमार भड़ाना एवं महामंत्री डॉ.रवि भूषण की ओर से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया कि न्यायालय में जो भी वाद लंबित हैं, किसी में भी पदोन्नति पर रोक नहीं है। कहा कि वर्ष 1991 से 2000 एलटी पुरुष संवर्ग की वरिष्ठता सूची, जिससे अभी तक अधीनस्थ राजपत्रित एवं प्रवक्ता पदों पर पदोन्नति किया गया है, वही शिक्षक अधीनस्थ राजपत्रित से समूह ख एवं प्रवक्ता पदों से राजपत्रित पदों पर पदोन्नति पा चुके हैं। इस सूची से ही अनेक शिक्षक जो 1998 तक की वरिष्ठता के हैं, विषयवार पदोन्नति पाकर दोहरा लाभ प्राप्त कर रहे हैं, जिनके द्वारा सूची को अनंतिम बताया गया है, उसे निलंबित कर जांच होनी चाहिए। नेताओं ने राज्यपाल से छात्रहित एवं एलटी ग्रेड के अध्यापकों को न्याय दिलाने की मांग की है।
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