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CBSE स्कूलों में 10वीं के प्रैक्टिकल पर भ्रम की स्थिति बरकरार

लखनऊ : सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंड्री एजुकेशन संबंद्ध सभी स्कूल इन दिनों दसवीं के प्रैक्टिकल को लेकर कन्फ्यूजन में है। क्योंकि बोर्ड की ओर से अब तक दसवीं के प्रैक्टिकल को लेकर कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं जारी की गई है। जबकि अगले माह से प्रैक्टिकल आयोजित कराए जाने हैं।
बीस अंक का प्रैक्टिकल होना है, लेकिन कितने अंकों का रिटेन होगा और कितनों का वाइवा इसका कुछ भी स्कूल व छात्रों को नहीं पता है। ऐसे में छात्रों से लेकर शिक्षकों तक में असमंजस्य की स्थिति बनी हुई है।

दरअसल पिछले साल तक सीबीएसई दसवीं में ग्रेड देता था और होम एग्जाम होता था जो स्कूल ही आयोजित कराता था। जबकि इस बार से यह व्यवस्था बदल दी गई है। अब जहां परीक्षा में पूरी तरह से बोर्ड एग्जाम लागू कर दिया गया है तो वहीं ग्रेडिंग की जगह अंक दिये जाएंगे। ऐसे में 100 अंकों के पेपर में 80 अंक तो बोर्ड परीक्षा से छात्रों को मिलेंगे, जबकि 20 अंक का आंतरिक मूल्यांकन होगा जो स्कूल को प्रैक्टिकल के रूप में करवाकर बोर्ड को अंक भेजना होगा। चूंकि इस बार पहला साल है इसलिए स्कूलों को ये नहीं पता है कि इन बीस अंकों को किस तरह विभाजित कर प्रैक्टिकल कराना है। सीबीएसई ने परीक्षा पैटर्न में भी बदलाव किया है। पहले वार्षिक परीक्षा में हाफ इयरली का सिलेबस हटाकर सवाल आते थे, लेकिन पूरे सिलेबस से पेपर पूछा जाएगा। सीबीएसई के सिटी को-ऑर्डिनेटर जावेद आलम खान ने बताया कि गाइडलाइन मिलते ही स्कूलों को सूचित कर दिया जाएगा।

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