ललितपुर। जिला बेसिक शिक्षा विभाग की उदासीनता का नतीजा है कि उच्च
प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापकों को पदोन्नति नहीं मिलने से जनपद के
करीब तीन सैकड़ों उच्च प्राथमिक विद्यालय ऐसे हैं, जहां पर लगभग पांच
वर्षों से प्रधानाध्यापकों के पद रिक्त बने हुए हैं।
इससे विद्यालयों के
शैक्षिक व विभागीय दोनों ही कार्य बाधित हो रहे हैं और सैकड़ों शिक्षकों को
पदोन्नति नहीं मिल पाने से आर्थिक नुकसान भी पहुंच रहा है।
आमतौर पर
बेसिक शिक्षा परिषद में प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पद पर
नियुक्ति होती है। इसके बाद प्रथम चरण में इन्हीं शिक्षकों को प्राथमिक
विद्यालय के प्रधानाध्यापक व उच्च प्राथमिक के सहायक अध्यापक पद पर और फिर
अंतिम चरण में उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति
होती है। नियमानुसार पदोन्नति की कार्रवाई हर तीन वर्ष में या फिर जरूरत के
अनुसार प्रधानाध्यापकों के पद भरने के लिए कभी भी की जा सकती है। लेकिन
जनपद में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों के
सैकड़ों पद रिक्त चल रहे हैं और इन रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए सैकड़ों
शिक्षक सालों से इंतजार भी कर रहे हैं, पर पिछले पांच-छह वर्षों से
पदोन्नति की कार्रवाई नहीं हुई है। यदि हम जनपद में संचालित हो रहे सभी 493
उच्च प्राथमिक विद्यालयों की बात करें तो वर्तमान में 300 से अधिक
विद्यालय ऐसे हैं, जहां पर प्रधानाध्यापकों की तैनाती नहीं है। इन
विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के पास ही प्रधानाध्यापक का अतिरिक्त
प्रभार है। वहीं प्राथमिक विद्यालयों पर नजर डालें तो यहां की स्थिति भी
काफी बेकार है, लगभग 80 प्रतिशत विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की तैनाती
नहीं है। प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की जिम्मेदारी भी सहायक
अध्यापकों व शिक्षामित्रों पर है। पदोन्नति नहीं होने से प्रधानाध्यापकों
के रिक्त पद नहीं भर पाने व सहायक अध्यापकों के पास अतिरिक्त प्रभार होने
से शैक्षिक कार्य व अन्य विभागीय कार्य दोनों की प्रभावित हो रहे हैं। इसके
अलावा पदोन्नति नहीं होने से सहायक अध्यापक अपने ही पदों पर रहकर रह गए
हैं और इससे उनका आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। पिछले करीब पांच-छह वर्षों
से जिला बेसिक शिक्षा विभाग में उच्चा प्राथमिक के प्रधानाध्यापकों के पदों
पर पदोन्नति नहीं हुई है।
पहले होनी चाहिए उच्च प्राथमिक के प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति
जिला
बेसिक शिक्षा विभाग यदि पदोन्नति की कार्रवाई करता है, तो विभागीय
अधिकारियों को सबसे पहले उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक पद पर
पदोन्नति करनी चाहिए। ऐसा करने से प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व
उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापक के पद रिक्त हो जाएंगे। ऐसो
होने से जब प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापकों की पदोन्नति की जाएगी
तो उच्च प्राथमिक के सहायक व प्राथमिक के प्रधानाध्यापकों अधिक से अधिक भरे
जा सकेगें।
पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ ने की पदोन्नति की मांग
उत्तर
प्रदेशीय पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर जल्द से
जल्द पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि
प्रधानाध्यापकों के पद रिक्त होने से विद्यालयों की व्यवस्था सुचारु रूप से
संचालित नहीं हो पा रही है, वहीं पदोन्नति नहीं होने से शिक्षकों का
आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। संघ ने भी सबसे पहले उच्च प्राथमिक के
प्रधानाध्यापकों के पदों पर पदोन्नति करने और इसके बाद प्राथमिक के
प्रधानाध्यापक व उच्च प्राथमिक के सहायक अध्यापक पद पर पदोन्नति कराने की
मांग की है। ज्ञापन पर जिलाध्यक्ष नीरज चतुर्वेदी व महामंत्री नारायण दास
के हस्ताक्षर अंकित हैं।
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