इलाहाबाद सीबीआइ ने जिस तरह चार माह लंबी शुरुआती जांच के बाद पहली
एफआइआर दर्ज की, उसी तर्ज पर चयन में गड़बड़ी के पुख्ता साक्ष्य जुटाकर
गिरफ्तारी के लिए हाथ बढ़ाएगी। यही वजह है कि सीबीआइ अफसरों की बड़ी फौज
लगातार पांचवें दिन आयोग के विभिन्न अनुभागों व पटलों की छानबीन करने में
जुटी है।
इस दौरान उत्तर पुस्तिकाओं से लेकर अन्य जो भी साक्ष्य मिल रहे
हैं, उन्हें लगातार सील किया जा रहा है। 1आयोग की पांच साल की भर्तियां
खंगाल रही सीबीआइ चरणबद्ध तरीके से कदम बढ़ा रही है। नोटीफिकेशन के बाद
लखनऊ में पीआइ प्राथमिक जांच दर्ज करने के बाद इलाहाबाद की ओर रुख किया था।
चार महीनों में आयोग व अभ्यर्थियों से मिलकर भर्तियों का कच्चा चिट्ठा
जाना। इसमें पीसीएस 2015 व तीन अन्य भर्तियों में गड़बड़ी के साक्ष्य मिलने
पर पहली एफआइआर हुई। बीते मंगलवार से सीबीआइ अफसरों की तमाम टीमें आयोग
में डेरा जमाए हैं और एक साथ विभिन्न अनुभागों की छानबीन तेजी से शुरू हुई
है। सूत्रों की मानें तो आयोग के परीक्षा व गोपन विभाग के कंप्यूटर पहले ही
स्कैन हो चुके हैं, अब उत्तर पुस्तिकाएं व अन्य साक्ष्यों को सील करने की
प्रक्रिया चल रही है। यह रिकॉर्ड कोर्ट में सीबीआइ के हथियार बनेंगे। 1आयोग
की भर्तियों में विज्ञापन के पद बदलने के आरोप लग चुके हैं, हालांकि आयोग
यह दलील देता रहा कि आरक्षण बदलने में उसका कोई रोल नहीं है, शासन से जो
अधियाचन मिलते हैं, विज्ञापन उसी के आधार पर प्रकाशित होते हैं। आरोपों की
जांच के लिए शनिवार को सीबीआइ टीम ने विज्ञापन अनुभाग में दिन भर रिकॉर्ड
खंगाले हैं। करीब पांच दर्जन अफसरों की टीम अभी सभी रिकॉर्ड खंगाल नहीं सकी
है, ऐसे में रविवार को भी आयोग में यह प्रक्रिया जारी रहेगी। सूत्रों की
जांच रिकॉर्ड जांचने के बाद ही पीसीएस 2015 के अफसरों से पूछताछ की
प्रक्रिया नए सिरे से होगी। उस समय अभिलेख, आयोग के अफसर व चयनित सभी
आमने-सामने होंगे। उस दौरान ही जांच अंतिम निष्कर्ष के करीब होगी।
इलाहाबाद : सीबीआइ के फंदे में फंसने से पहले ही उप्र लोकसेवा आयोग ने अन्य
गतिविधियों में लिप्त अफसर को नोटिस थमा दिया है। इस कदम को शुरुआत माना
जा सकता है, क्योंकि ऐसे अफसर व कर्मचारियों की संख्या आयोग में बहुतायत
में है। अब तक अफसर इनकी अनदेखी कर रहे थे लेकिन, प्रकरण सीबीआइ तक पहुंचते
ही जवाब-तलब किया गया है। जल्द ही अन्य अफसर व कर्मचारियों को भी इसी तरह
से नोटिस थमाया जा सकता है। सीबीआइ की टीमें भले ही चार माह से आयोग
मुख्यालय और कैंप कार्यालय के अलावा जिलों में भ्रमण करके साक्ष्य जुटा रही
हैं लेकिन, उस तक आयोग के लखनऊ स्थित कार्यालय की गतिविधियों की तमाम
सूचनाएं पहुंची हैं। टीम को जो जानकारियां मिल रही हैं, उनके मुताबिक लखनऊ
कार्यालय के कई कर्मचारी सर्विस रूल्स का उल्लंघन करते हुए अन्य कई कार्यो
में लिप्त हैं। जिस तरह से मुख्यालय के समीक्षा अधिकारी पर नकेल कसी गई है
वैसे ही लखनऊ कार्यालय की जल्द ही पड़ताल होने की चर्चा तेज है। यही नहीं,
आयोग पर यह भी आरोप लगता रहा है कि आरओ-एआरओ यानि समीक्षा अधिकारी व सहायक
समीक्षा अधिकारी का परिणाम घोषित करने में इसलिए देरी हुई, क्योंकि आयोग के
कई महकमों के समकक्षों की कुर्सी छिन जाएगी। सीबीआइ इसकी भी बारीकी से
पड़ताल कर रही है। संकेत हैं कि सीबीआइ की विशेष टीम लखनऊ कार्यालय में भी
ऐसे तत्वों की छानबीन करेगी।
फिर से विज्ञापित होगा पद
आयोग ने उप्र आयुर्वेद विभाग के तहत अधीक्षक राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी
औषधि निर्माणशाला के अनारक्षित एक पद पर भर्ती के लिए शुक्रवार को
साक्षात्कार किया था। इंटरव्यू के लिए मिले आवेदनों में से एक अभ्यर्थी को
ही बुलाया गया था लेकिन, वह भी साक्षात्कार देने नहीं पहुंचा। सचिव ने
बताया कि अब यह पद फिर से विज्ञापित होगा।
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Leaderboard Ad – Below Nav
Social Media Link
Ad – Above Posts (Multiplex/Display)
Breaking News
- शिक्षक भर्ती लिखित परीक्षा हेतु "हिंदी विषय" के सम्पूर्ण नोट्स
- UPTET Yachi List : 72,825 याची लिस्ट देखने और डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें
- 12460 सहायक अध्यापक चयन प्रक्रिया हेतु मेरिट गुणांक निकालने का तरीका: ऐसे निकालें अपने कटऑफ मेरिट
- UP 29334 Latest News - UPTET JRT 6th Merit list Cut off Final Selection List
- 2004 में शिक्षामित्रों की नियुक्तियों हेतु जारी विज्ञप्ति: इसी विज्ञप्ति के आधार पर हुआ था शिक्षामित्रों की का चयन
Ad – Between Posts Section
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें