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प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए अब मुकाबला बेहद कड़ा, मेधावियों में आगे निकलने की होड़: प्राथमिक स्कूल की शिक्षक भर्तियों में एक सीट पर होंगे कई दावेदार

इलाहाबाद : प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए अब बेहद कड़ा होने जा रहा है। इस प्रतिस्पर्धा के संकेत अगली शिक्षक पात्रता परीक्षा उप्र यानी यूपी टीईटी से मिलने लगेंगे। इसमें उच्च प्राथमिक की जगह प्राथमिक स्कूलों की परीक्षा के लिए अधिक दावेदार होंगे। वजह यह है कि अब बीएड प्रशिक्षु भी इस भर्ती के लिए मान्य हो गए हैं। ऐसे में वही अभ्यर्थी शिक्षक बन सकेंगे जो नियमित अध्ययन कर रहे हैं।

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी एनसीटीई ही बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षक बनने की अर्हता तय करता है। एनसीटीई ने बीटीसी, डीएलएड, बीएलएड सहित विभिन्न पाठ्यक्रम इन पदों के लिए पहले से मान्य कर रखे हैं। 29 जून 2018 को एनसीटीई ने बीएड को भी प्राथमिक स्कूलों के लिए सशर्त मान्य कर दिया है। इससे जो टीईटी की उच्च प्राथमिक परीक्षा के दावेदारों में कमी आएगी और प्राथमिक में आवेदकों का बढ़ना तय माना जा रहा है, क्योंकि उच्च प्राथमिक स्कूलों में इधर सीधी भर्ती नहीं हो रही है, जबकि प्राथमिक में निरंतर सहायक अध्यापकों के पद भरे जा रहे हैं। प्राथमिक स्कूलों में 68500 सहायक अध्यापक भर्ती 2018 से पहले टीईटी परीक्षा कराई गई, उसमें भी टीईटी की उच्च प्राथमिक परीक्षा में ही दावेदार अधिक रहे हैं। शिक्षक भर्ती के लिए महज सवा लाख ही आवेदन हुए। उनमें से करीब साढ़े चार हजार के अभ्यर्थन दुरुस्त न होने पर निरस्त कर दिए गए। परीक्षा में एक लाख आठ हजार के लगभग शामिल हुए। इसमें जिनका समायोजन निरस्त हुआ और बीटीसी का प्रशिक्षण पूरा कर चुके अभ्यर्थी शामिल थे। अब अगली शिक्षक भर्ती में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के पूरे आसार हैं।
दूसरी शिक्षक भर्ती इसी वर्ष संभव : शीर्ष कोर्ट के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग 68500 शिक्षकों के चयन के लिए लिखित परीक्षा करा चुका है, उसके परिणाम का इंतजार हो रहा है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद इतने ही पदों की दूसरी भर्ती प्रक्रिया इसी वर्ष शुरू होने के आसार हैं। इसके पहले टीईटी भी कराई जाएगी। परीक्षा नियामक कार्यालय इस पर मंथन कर रहा है। 1नियमावली में होगा संशोधन : परिषदीय प्राथमिक स्कूलों की शिक्षक भर्ती में बीएड को मान्य करने के लिए नियमावली में बदलाव करना होगा। माना जा रहा है कि भर्ती के पहले इसे अमल में लाया जाएगा। बेसिक महकमे ने पिछले महीनों में ही नियमावली में कई बदलाव किए हैं।’
प्राथमिक स्कूल की शिक्षक भर्तियों में एक सीट पर होंगे कई दावेदार
बीटीसी, डीएलएड पाठ्यक्रम के साथ अब बीएड अभ्यर्थी भी मान्य

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