चंद्रशेखर वर्मा, नोएडा : स्ववित्त पोषित उच्च शिक्षण संस्थानों और
कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्तियों में फर्जीवाड़े की शिकायतें आती रहती
हैं। इससे छात्रों के भविष्य के साथ तो खिलवाड़ होता ही है, उच्च शिक्षा
व्यवस्था की गुणवत्ता भी खराब होती है।
इस समस्या को ध्यान में रखते हुए
चौधरी चरण ¨सह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) की वेबसाइट पर टीचर्स पूल का एक
आइकन बनाया जाएगा। स्ववित्त पोषित संस्थानों में शिक्षक पद की नौकरी के लिए
अभ्यर्थियों को इसमें आवेदन करना होगा। इसके बाद उनको एक कोड मिलेगा। इस
कोड से नियुक्ति के समय अभ्यर्थियों की पहचान की जा सकेगी। इससे एक तो
फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी। वहीं, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता भी बरकरार रहेगी।
मेरठ-सहारनपुर मंडल के क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ राजीव कुमार
गुप्ता ने बताया कि सीसीएसयू से संबद्ध स्ववित्त पोषित संस्थानों में उच्च
शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहते हैं। इन संस्थानों में तय
मानकों के अनुसार योग्य शिक्षक नहीं मिलने से इनकी काफी कमी रहती है। इसके
अलावा अभ्यर्थी यहां किसी भी राज्य का प्रमाण पत्र दिखाकर नौकरी पा लेते
हैं, लेकिन शिक्षण कार्य सही ढंग से नहीं कर पाते। इससे यहां हमेशा
फर्जीवाड़े की आशंका बनी रहती है। इसको देखते हुए क्षेत्रीय उच्च शिक्षा
कार्यालय द्वारा विश्वविद्यालय को पत्र लिखा गया है। पत्र में कहा गया है
कि सीसीएसयू अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर टीचर्स पूल का एक आइकान बनाएं।
स्ववित्त पोषित संस्थानों में शिक्षक की नौकरी के लिए हर अभ्यर्थी को सबसे
पहले इस पूल में आवेदन करना होगा। इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया की जा
सकेगी।
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आवेदन के समय मिलेगा कोड
विश्वविद्यालय की वेबसाइट के इस टीचर्स आइकान में आवेदन करने के बाद
अभ्यर्थी को एक कोड दिया जाएगा। इस कोड के जरिए नियुक्ति के समय अभ्यर्थी
की पहचान की जा सकेगी। इस प्रक्रिया से एक तो फर्जी नियुक्तियों पर रोक
लगेगी। वहीं, शिक्षकों की कमी झेल रहे संस्थानों को भी योग्य अभ्यर्थी मिल
सकेंगे।
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