फतेहपुर जिले के परिषदीय विद्यालय लंबे समय से शिक्षकों की कमी की समस्या से जूझ रहे थे। कई प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय ऐसे थे जहाँ केवल एक ही शिक्षक के भरोसे पूरा विद्यालय संचालित हो रहा था। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और शैक्षणिक गुणवत्ता पर पड़ रहा था।
इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने पहले चरण में जिले के 127 विद्यालयों में शिक्षकों का समायोजन कर दिया है। इस कदम से अब इन स्कूलों में पठन-पाठन व्यवस्था के सुचारू रूप से चलने की उम्मीद बढ़ गई है।
127 स्कूलों में हुआ शिक्षकों का समायोजन
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा किए गए इस समायोजन में:
39 उच्च प्राथमिक विद्यालय
88 प्राथमिक विद्यालय
शामिल हैं। इन सभी विद्यालयों में पहले केवल एक शिक्षक ही तैनात था। अब नए शिक्षकों की तैनाती से छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा।
समायोजित शिक्षक शीतकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद अपने नए विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण करेंगे।
एनसीईआरटी मानकों के अनुसार तैनाती जरूरी
एनसीईआरटी के मानकों के अनुसार:
प्राथमिक विद्यालय में 30 छात्रों पर 1 शिक्षक
जूनियर हाईस्कूल में 35 छात्रों पर 1 शिक्षक
की तैनाती अनिवार्य है। लेकिन बीते कुछ वर्षों में अंतरजनपदीय स्थानांतरण और अन्य प्रशासनिक कारणों से कई स्कूलों में यह संतुलन बिगड़ गया था।
इसी को सुधारने के लिए शासन स्तर पर पूरे प्रदेश में शिक्षक समायोजन प्रक्रिया शुरू की गई है।
यू-डायस पोर्टल के माध्यम से जारी हुए आदेश
पहले चरण में समायोजित किए गए शिक्षकों को सामूहिक आदेश नहीं दिए गए हैं। बल्कि यू-डायस पोर्टल के माध्यम से उन्हें व्यक्तिगत रूप से नई तैनाती की जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न उत्पन्न हो।
आगे भी जारी रहेगी समायोजन प्रक्रिया
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भारती त्रिपाठी ने बताया कि शासन से जैसे-जैसे नए निर्देश प्राप्त होंगे, वैसे-वैसे शेष विद्यालयों में भी शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा।
उनका कहना है कि विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी विद्यालय में शिक्षण कार्य बाधित न हो और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलती रहे।
शिक्षकों के समायोजन से क्या होंगे फायदे?
📚 छात्रों को मिलेगा बेहतर शैक्षणिक वातावरण
👩🏫 एकल शिक्षक वाले स्कूलों की समस्या होगी दूर
🏫 पठन-पाठन व्यवस्था होगी मजबूत
📈 शिक्षा की गुणवत्ता में होगा सुधार
निष्कर्ष
फतेहपुर जिले में परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों का यह समायोजन शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। इससे न केवल शिक्षकों पर कार्यभार कम होगा, बल्कि बच्चों को भी बेहतर और संतुलित शिक्षा मिल सकेगी। आने वाले समय में यदि यह प्रक्रिया पूरी तरह लागू हो जाती है, तो जिले की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।