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महराजगंज में शिक्षक समायोजन पर उठे सवाल, डीएम से मिला प्राथमिक शिक्षक संघ

 महराजगंज जिले में चल रही शिक्षक समायोजन प्रक्रिया को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने समायोजन में विसंगतियों और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।

संघ के जिलाध्यक्ष केशव मणि त्रिपाठी की अगुवाई में शिक्षकों के एक प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपनी आपत्तियाँ दर्ज कराईं।


डीएम के निर्देश पर सीडीओ से हुई वार्ता

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने शिक्षक प्रतिनिधि मंडल को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) से मिलने की सलाह दी। डीएम के निर्देश के बाद शिक्षक सीडीओ से मिले और उन्हें समायोजन प्रक्रिया की विसंगतियाँ बिंदुवार बताते हुए त्वरित निराकरण की मांग की।

शिक्षकों ने प्रशासन से मांग की कि समायोजन प्रक्रिया को पूरी तरह मानक और पारदर्शी तरीके से लागू किया जाए।


आरटीई मानकों के विपरीत सरप्लस का आरोप

संघ के महामंत्री सत्येंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि समायोजन प्रक्रिया में आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के मानकों की अनदेखी की गई है।

उनका आरोप है कि कई विद्यालयों में छात्र संख्या के अनुपात में शिक्षकों की आवश्यकता होने के बावजूद उन्हें सरप्लस घोषित कर दिया गया, जो पूरी तरह अनुचित है। इसके साथ ही वरिष्ठता निर्धारण में भी एकरूपता नहीं अपनाई गई।


अध्यापिकाओं को सुदूर वनटांगिया गांव भेजे जाने पर आपत्ति

संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बैजनाथ सिंह ने समायोजन प्रक्रिया के सामाजिक पहलू पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई अध्यापिकाओं को सुदूर वनटांगिया गांवों में समायोजित कर दिया गया है, जो सुरक्षा और पारिवारिक परिस्थितियों की दृष्टि से उचित नहीं है।

इससे महिला शिक्षकों को गंभीर व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।


समायोजन प्रक्रिया रद्द कर दोबारा करने की मांग

संगठन मंत्री अखिलेश पाठक ने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्तमान में चल रही समायोजन प्रक्रिया को रद्द किया जाए और इसे दोबारा नियम, मानक और आरटीई दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू किया जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो संगठन आगे आंदोलनात्मक कदम उठाने को मजबूर होगा।


प्रतिनिधि मंडल में ये शिक्षक रहे शामिल

इस दौरान शिक्षक संगठन के कई पदाधिकारी प्रतिनिधि मंडल में शामिल रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:

  • मनोज वर्मा

  • राघवेंद्र पांडेय

  • धनप्रकाश पटेल

  • विजय कुमार

  • नगेन्द्र चौधरी

  • चंद्रभूषण पटेल

  • प्रवीण पटेल

आदि शिक्षक नेता मौजूद रहे।


निष्कर्ष

महराजगंज में शिक्षक समायोजन को लेकर उठे सवाल यह दर्शाते हैं कि प्रक्रिया में पारदर्शिता और मानकों के पालन की कमी है। यदि प्रशासन समय रहते शिक्षकों की मांगों पर विचार करता है, तो न केवल विवाद सुलझ सकता है बल्कि शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित होने से बच सकती है। अब सभी की नजरें जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

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