प्रयागराज। सोशल मीडिया पर सक्रिय साइबर ठगों ने अब माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज (UP Board) के नाम और पहचान से मिलते-जुलते कई फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बना लिए हैं। इन अकाउंट्स के जरिए छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को भ्रमित करने की आशंका जताई जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इसे साइबर अपराध मानते हुए तत्काल सख्त कदम उठाने के निर्देश जारी किए हैं।
🔹 सचिव ने सभी DIOS को जारी किया पत्र
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को इस संबंध में पत्र भेजकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:
👉 यदि यूपी बोर्ड के
-
नाम
-
लोगो
-
या आधिकारिक पहचान
से मिलते-जुलते किसी भी फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी मिलती है, तो उसकी तत्काल रिपोर्ट तैयार की जाए।
🔹 परिषद को सूचना देने के निर्देश
सचिव द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि:
✔️ फर्जी अकाउंट की जानकारी
✔️ स्क्रीनशॉट और विवरण के साथ
👉 माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज को तुरंत भेजी जाए
इसके साथ ही संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (Facebook, X, Instagram, YouTube आदि) पर भी ऐसे अकाउंट को रिपोर्ट (Report/Flag) किया जाए, ताकि उन्हें जल्द से जल्द हटाया जा सके।
🔹 छात्रों और अभिभावकों के साथ ठगी की आशंका
अधिकारियों का मानना है कि ऐसे फर्जी अकाउंट्स के माध्यम से:
-
परीक्षा परिणाम
-
अंक सुधार
-
प्रमाणपत्र
-
भर्ती या मान्यता
जैसे विषयों को लेकर गलत जानकारी या ठगी की जा सकती है। इसलिए परिषद ने सभी अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा है।
🔹 आधिकारिक जानकारी केवल विश्वसनीय स्रोत से ही लें
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने स्पष्ट किया है कि:
👉 यूपी बोर्ड से संबंधित आधिकारिक सूचनाएं केवल अधिकृत वेबसाइट और सत्यापित सोशल मीडिया अकाउंट्स से ही जारी की जाती हैं।
👉 किसी भी अनधिकृत अकाउंट या संदेश पर भरोसा न करें।
🔹 निष्कर्ष
यूपी बोर्ड के नाम से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनना:
-
शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता
-
छात्रों की सुरक्षा
-
और सूचना की पारदर्शिता
के लिए गंभीर खतरा है। परिषद द्वारा उठाया गया यह कदम साइबर ठगी पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।