यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की एकल पीठ ने प्रयागराज निवासी आदित्य कुमार सिंह और 17 अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
18 अभ्यर्थियों ने उठाए प्रश्नपत्र पर सवाल
याचिकाकर्ताओं का दावा है कि टीजीटी अंग्रेजी परीक्षा में चार प्रश्न गलत थे, जबकि 37 प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम (सिलेबस) से बाहर पूछे गए। याचिका में कहा गया है कि प्रश्न संख्या 3, 11, 12 और 100 त्रुटिपूर्ण हैं। साथ ही याचिका के पैरा-31 में 37 प्रश्नों को पाठ्यक्रम से बाहर होने का उल्लेख किया गया है।
चयन बोर्ड ने मांगा समय
मामले की सुनवाई के दौरान चयन बोर्ड के अधिवक्ता ने अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। उन्होंने कहा कि संबंधित प्रश्नों और पाठ्यक्रम से बाहर बताए गए प्रश्नों के संबंध में सक्षम प्राधिकारी से जानकारी प्राप्त कर न्यायालय के समक्ष विस्तृत जवाब प्रस्तुत किया जाएगा।
हाईकोर्ट का निर्देश
हाईकोर्ट ने चयन बोर्ड को संबंधित प्रश्नों के संबंध में निर्देश प्राप्त कर जवाब दाखिल करने के लिए समय प्रदान किया है। अब इस मामले में बोर्ड की ओर से दाखिल जवाब के बाद अगली सुनवाई में आगे की कार्रवाई होगी।
