इंटर कालेजों में रिक्त पदों पर नियुक्त होंगे 100 से अधिक शिक्षक

मऊ : अनुदानित इंटर कालेजों से शिक्षकों के रिटायर्ड होने के बाद उनके स्थान पर नियुक्ति न होने से शिक्षा की गुणवत्ता पर बड़ा असर पड़ रहा है।
कई एडेड इंटर कालेज तो ऐसे हैं जिनमें छात्रों को पढ़ाने के लिए शिक्षक तो
दूर प्रधानाचार्य भी नहीं रह गया है। मांग के अनुरूप शिक्षक न मिलने से माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता पर इसका विपरीत असर पड़ रहा है। ऐसे इंटर कालेजों में निजी को¨चग संस्थानों का सहारा लिया बिना छात्रों की पढ़ाई नहीं हो पाती। माध्यमिक शिक्षक चयन बोर्ड से मांग के सापेक्ष शिक्षक न भेजे जाने से जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी इंटर कालेजों में रिक्त पदों का विवरण मांगा है। रिक्त पदों पर स्थानीय स्तर पर ही अस्थाई नियुक्ति की रणनीति तैयार की जा रही है।
शहर में हों या ग्रामीण अंचलों में इंटर कालेजों से शिक्षकों के रिटायर्ड होने का सिलसिला जारी है। रिटायर्ड शिक्षकों के जाने के बाद से उनके स्थान पर कई सालों तक आयोग से शिक्षकों के न आने से माध्यमिक शिक्षा की हालत बदतर है। श्री ¨वध्याचल इंटर कालेज कोरौली में शिक्षकों के रिक्त पदों का आलम यह है कि वहां लगभग सभी शिक्षक सेवानिवृत हो गए हैं। प्रधानाचार्य भी नहीं रह गया है। कुछ ऐसा ही हाल नेहरू इंटर कालेज फैजुल्लाहपुर का है। यहां भी शिक्षकों की भारी कमी है। इसके अलावा लगभग सभी इंटर कालेजों में विषय शिक्षकों का टोटा बना हुआ है। डीआइओएस डॉ. विजय प्रकाश ¨सह ने बताया कि रिक्त पदों के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। शिक्षा की गुणवत्ता न गिरे इसके लिए रिक्त पदों पर स्थानीय स्तर से शिक्षकों की नियुक्ति के लिए रणनीति तैयार की जा रही है। पूरे प्रकरण को जल्द ही चयन बोर्ड में रखा जाएगा, जिससे जिले को अपेक्षित संख्या में शिक्षक मिल सकें।
आंकड़ों में माध्यमिक शिक्षा
67 अनुदानित इंटर कालेज
14 राजकीय इंटर कालेज
100 से अधिक शिक्षकों के रिक्त पद संभावित
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