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पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, चार गोमती में कूदे, सरकार पर लचर पैरवी का आरोप लगाया

लखनऊ : सपा सरकार में वर्ष 2015-16 में नियमावली में बदलाव कर सिपाही भर्ती प्रक्रिया की गई थी। इसका अंतिम परिणाम अभी तक नहीं जारी किया गया है। इससे नाराज हजारों अभ्यर्थियों ने बुधवार को लक्ष्मण मेला धरना स्थल पर प्रदर्शन किया।
मांगें मनवाने के लिए चार अभ्यर्थियों ने गोमती में कूदकर प्रदर्शन और नारेबाजी
की। हालांकि कुछ देर बाद वह तैरकर खुद ही बाहर आ गए। अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट द्वारा सुरक्षित किए गए भर्ती प्रक्रिया के अंतिम परिणाम को जारी कराने के लिए प्रदेश सरकार से पैरवी कराने की मांग की। उन्होंने शासन और सरकार पर लचर पैरवी का आरोप लगाकर जमकर नारेबाजी की। अभ्यर्थी इस बावत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कराने की जिद पर अड़े रहे। बाद में उनके प्रतिनिधि मंडल को मुख्यमंत्री से मिलाया गया, जहां मुख्यमंत्री ने उन्हें केस की पैरवी सरकार द्वारा किए जाने व न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। 1प्रदेश भर से आए हजारों की संख्या में सिपाही भर्ती प्रक्रिया के अभ्यर्थी लक्ष्मण मेला स्थल पर बुधवार सुबह से जमा हो गए। मांगों को लेकर प्रदर्शन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस बीच प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों में सुलतानपुर के राय विक्रम बहादुर सिंह, मऊ के राजू यादव, जौनपुर के प्रदीप सोनकर और गाजीपुर के साहिल यादव ने गोमती नदी में छलांग लगा दी। हालांकि साथियों के समझाने पर वह कुछ देर बाद खुद ही पानी से निकल आए। वहीं प्रदर्शन के दौरान एक अन्य बलिया निवासी जितेंद्र बेहोश हो गया। \

सरकार पर लचर पैरवी का आरोप लगाया : उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती 2015-16 संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार सिपाही की नई भर्ती निकाल रही है लेकिन पूर्व में हुई सिपाही भर्ती प्रक्रिया के न्यायालय में सुरक्षित किए गए परिणाम को जारी कराने के लिए पैरवी नहीं कर रही है।

सरकार अगर पैरवी ठीक से करे तो वह परिणाम जारी हो और हम सबको नौकरी मिले। उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने के लिए अधिकारियों से गुहार लगाई।
हजारों अभ्यर्थियों ने मांगों को लेकर लक्ष्मण मेला ग्राउंड पर दिया धरना
सीएम से मिला अभ्यर्थियों का प्रतिनिधिमंडल, मिला आश्वासनअखिलेश ने किया ट्वीट1वर्तमान सरकार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था कैसे सुधरेगी जब पुलिस के हजारों पद खाली पड़े हैं और भर्ती राजनीतिक विद्वेष से रोक दी गई है। इसमें चयनित युवाओं का क्या दोष। सरकार युवाओं के भविष्य से न खेले वरना सड़क पर उतरे युवाओं के इस बढ़ते आक्रोश की जिम्मेदार खुद सरकार ही होगी।1अखिलेश यादव, पूर्व मुख्यमंत्री




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