इलाहाबाद : केंद्रीय सुरक्षा बल में सिपाही भर्ती के बर्खास्त चयनितों
को राहत मिलने की उम्मीद कम है। चयनित सिपाहियों की बर्खास्तगी इलाहाबाद
हाईकोर्ट ने भले ही रद कर दी है लेकिन, कर्मचारी चयन आयोग इस पर डबल बेंच
में विशेष अपील की तैयारी कर रहा है।
वहीं, कोर्ट ने भी अपने आदेश में आयोग
को नियमानुसार चार महीने में नए सिरे से निर्णय लेने की छूट दे रखी है।
एसएससी के मध्य क्षेत्रीय कार्यालय ने सीआरपीएफ में सिपाही भर्ती के लिए
अप्रैल 2014 में परिणाम जारी किया था। तमाम अभ्यर्थियों को औपबंधिक रूप से
चयनित किया गया और नियुक्ति पत्र देने से पहले जांच पड़ताल के लिए उन्हें
बुलाया गया। सत्यापन में कई अभ्यर्थियों के अंगूठा निशान और हस्ताक्षर
संदिग्ध पाए गए। जिनकी एसएससी ने फोरेंसिक लैब में जांच कराई। फोरेंसिक
साइंस लैबोरेटरी की रिपोर्ट में संदेह पुख्ता हो गया, जिसके आधार पर एसएससी
ने संदिग्ध चयनितों को बर्खास्त कर दिया। साथ ही उन्हें तीन साल तक आयोग
की परीक्षा में शामिल होने से डिबार कर दिया। इसके खिलाफ अभ्यर्थी रणविजय
सिंह समेत अन्य इलाहाबाद हाईकोर्ट चले गए। जिस पर मंगलवार को ही हाईकोर्ट
की एकल पीठ ने आदेश जारी कर चयनितों की बर्खास्तगी रद कर दी और आयोग को चार
महीने में नियमानुसार नए सिरे से निर्णय लेने की छूट दी। सूत्रों के
अनुसार कर्मचारी चयन आयोग एकल पीठ के इस आदेश को आयोग डबल बेंच में चुनौती
दे सकता है। इसकी तैयारी की जा रही है। आयोग चयनितों की बर्खास्तगी में
फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट को आधार बना सकता है। सूत्र बताते हैं कि आयोग अगर
हाईकोर्ट की डबल बेंच में विशेष अपील नहीं भी करता है तो उसके पास नए सिरे
से निर्णय लेने की छूट का विकल्प भी है। ऐसे में नियमानुसार चयनितों का
पक्ष सुनने के बाद फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी की रिपोर्ट के आधार पर आयोग
कोई निर्णय ले सकता है।
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Social Media Link
Advertisement
Breaking News
- शिक्षामित्र स्थानांतरण 2026: आवेदन प्रक्रिया, अंतिम तिथि, नियम और नई गाइडलाइन
- UPTET फॉर्म भरते समय अपलोड होने वाले Hand written declaration/हस्तलिखित घोषणा का प्रारूप
- 📰 TET अनिवार्यता पर बड़ी पहल: राज्यसभा सांसद ने केंद्र सरकार को लिखा पत्र
- 26 मई 1999 का शासनादेश: जिसमे अध्यापक के रिक्त पद के सापेक्ष शिक्षामित्रों की नियुक्ति पैरा टीचर के रूप में की गयी थी,देखें आदेश की प्रति
- TET छूट बिल | क्या है वायरल खबर की सच्चाई?
Govt Jobs : Opening
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें