कौशांबी : जिले में प्रक्रिया में शामिल 10 अभ्यार्थियों को नियुक्ति
पत्र जारी करने पर रोक लगा दी गई है। इनकी डिग्री संदिग्ध होने की शिकायत
की गई थी। जागरण में इस बावत खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम मनीष कुमार
वर्मा ने नियुक्ति पत्र रोकने का निर्देश दिया है। उनका कहना है कि जांच के
बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी। आठ संदिग्ध चयन प्रक्रिया से पहले ही बाहर
किए जा चुके हैं।
मार्च 2017 में परिषदीय स्कूलों में सहायक अध्यापक के 12460 पदों के लिए का
विज्ञापन जारी हुआ था। जिले में 108 पदों के लिए करीब 450 बीटीसी
उपाधिधारकों ने आवेदन किया है। हफ्ते भर पहले कुछ अभ्यर्थियों ने डीएम से
शिकायत की थी कि 18 लोगों की डिग्री संदिग्ध है। डीएम ने बीएसए व डायट
प्राचार्य की कमेटी से जांच कराई तो आठ अभ्यर्थियों के अंक व प्रमाण पत्र
संदिग्ध मिले। बीते सोमवार आठों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर उनके खिलाफ
एफआइआर दर्ज कराने का निर्देश दिया गया। मंगलवार को भी कई अभ्यार्थियों ने
10 दावेदारों के दस्तावेजों पर सवाल उठाए। इसे भी जागरण ने प्रमुखता से
प्रकाशित किया। डीएम ने इस मामले में बीएसए की इस बात को खारिज कर दिया कि
नियुक्ति पत्र दे दिया जाना चाहिए,जांच पूरा होने तक वेतन रोका जा सकता है।
अब बीएसए एमआर स्वामी का कहना है कि संदिग्ध प्रमाण पत्र होने पर नियुक्ति
पत्र नहीं दिए जाएंगे।
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