गोरखपुर : सिद्धार्थनगर जनपद में फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे परिषदीय
विद्यालयों में नौकरी हथियाने वाले 38 शिक्षकों के विरुद्ध बेसिक शिक्षा
विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सेवा से बर्खास्त कर दिया है। साथ ही अब तक
प्राप्त वेतन की रिकवरी करते हुए आपराधिक धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराने
का निर्देश भी दिया गया है। इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है।
बेसिक शिक्षा विभाग में परिषदीय विद्यालयों में सितम्बर 2016 में 16448
भर्ती के तहत लगभग 5 सौ सहायक अध्यापकों की नियुक्ति हुई थी। नियुक्ति के
समय से ही फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी हथियाने की शिकायत शुरू हो
गई थी। नियुक्ति पाने से वंचित दो दर्जन अभ्यर्थियों ने फर्जी शिक्षकों के
खिलाफ मोर्चा खोला था और कार्यालय से लेकर न्यायालय तक चक्कर लगा रहे थे।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी कुणाल सिल्कू ने मुख्य विकास
अधिकारी हर्षिता माथुर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दिया
था जिसमें एसडीएम सदर व जिला विद्यालय निरीक्षक सम्मिलित थे। जांच टीम ने
अपने स्तर से प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया जिसमें 38 शिक्षकों के
प्रमाणपत्र कूटरचित पाए गए। इस आधार पर बेसिक शिक्षा अधिकारी राम ¨सह ने इन
शिक्षकों का सेवा समाप्ति का आदेश जारी कर सम्बंधित खंड शिक्षा अधिकरियों
को आपराधिक धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराने के साथ अब तक प्राप्त वेतन की
रिकवरी का निर्देश दिया है। युवकों ने की थी आत्मदाह की कोशिश
फर्जी शिक्षकों की बर्खास्तगी में हो रही देरी से आक्रोशित लगभग एक
दर्जन युवकों ने बीते मंगलवार को बीएसए कार्यालय पर आत्मदाह का प्रयास किया
था। मौके पर पुलिस व अन्य के पहुंचने पर मामला शांत हुआ था। तभी विभाग के
ऊपर फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया था। 68
फर्जी शिक्षकों की सौंपी थी सूची
फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए संघर्षरत अभ्यर्थियों ने
विभिन्न जनसूचना से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर विभाग को 68 फर्जी शिक्षकों
की सूची सौंपी थी। हालांकि उनका यह भी मानना था कि जनपद में 100 से अधिक
फर्जी शिक्षक कार्यरत हैं। इस प्रकार अभी भी बड़ी संख्या में फर्जी शिक्षक
कार्रवाई की जद में नहीं आ सके हैं। यह भी चर्चा है कि विभाग 38 शिक्षकों
के खिलाफ कार्रवाई कर अन्य शिक्षकों के मामले को ढंकने की जुगत में लगा हुआ
है। सवाल यह है कि बिना विभागीय मिलीभगत के इतने बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा
कैसे हुआ। सिर्फ कुछ शिक्षकों की बर्खास्तगी करके जांच समिति को अपने
कार्यो की इतिश्री नहीं समझ लेनी चाहिए बल्कि तत्समय नियुक्ति को अंजाम
देने वाले चर्चित लिपिक व अधिकारी की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
इन शिक्षकों पर हुई कार्रवाई
जिन शिक्षकों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई हुई है उनमें प्राथमिक
विद्यालय पिपरसन पर तैनात कु रीना, प्रावि झकहिया रंजेश ¨सह, प्रावि
जोमखुंडा आलोक पाण्डेय, प्रावि दुल्हा खुर्द साहबजादा ¨सह, प्रावि
हिसामुद्दीनपुर अंशुमान कुमार श्रीवास्तव, प्रावि हौसिलाबाद मोहन ¨सह,
प्रावि हटवा राकेश ¨सह, प्रावि भड़ही उर्फ मिश्रौलिया वंदना ¨सह, प्रावि
गोटुटवा जितेंद्र कुमार ¨सह, प्रावि करौंदा नानकार रागिनी ¨सह, प्रावि
गोहनिया ताज अतुल कुमार ¨सह, प्रावि हरैया द्वितीय आदित्य ¨सह, प्रावि
गनेशपुर रियाजुद्दीन, प्रावि फरेनी रीना श्रीवास्तव, प्रावि जिवराए राजन
¨सह, प्रावि जमैती-जमैता अमित कुमार, प्रावि तेनुआ सुषमा ¨सह, प्रावि
गौरडीह अमितेंद्र शेखर मिश्र, प्रावि गनवरिया बुजुर्ग ज्ञानेंद्र कुमार
¨सह, प्रावि धौरहरा पूरबडीह छोटेलाल, प्राविजमुनी गो¨वदलाल गुप्ता, प्रावि
जलालपुर कृपानिधान यादव, प्रावि जामडीह विवेक राय,प्रावि इमिलिया जनूबी
ललित ¨सह, प्रावि अमहट अंकित कुमार श्रीवास्तव, प्रावि हिलांगी नानकार
भोरिकनाथ यादव, प्रावि गुजरौलिया सूर्यदेव ¨सह, प्रावि गो¨वदपुर आनंद शेखर,
प्रावि गोरया घनश्याम तिवारी, प्रावि गिरधरपुर राजेश कुमार ¨सह, प्रावि
धरूआर शशिकांत त्रिपाठी, प्रावि घनश्यामपुर मनोज कुमार द्विवेदी, प्रावि
झहराव अविनाश कुमार ¨सह, प्रावि वरवां प्रिया यादव, प्रावि घरूआर इंद्रदेव,
प्रावि केवटलिया कुमारी शिल्पी गुप्ता, प्रावि गुजरौलिया हरिशंकर कुमार
गुप्ता, प्रावि डड़ऊजोत जंमेजय ¨सह शामिल हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
मामले से विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए जांच के दौरान
फर्जी पाए गए शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है। सभी के खिलाफ प्राथमिकी
दर्ज कराते हुए अन्य विधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी। - राम¨सह, बीएसए,
सिद्धार्थनगर।
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