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फर्जी शिक्षकों का मामला जुट गए दबाने में

जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही) : माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित राजकीय स्कूलों में फर्जी अभिलेख लगाकर नौकरी हथियाने वाले शिक्षकों की फाइल को शिक्षा विभाग के अधिकारी ठिकाने लगाने की तैयारी में है। आलम यह है कि संयुक्त शिक्षा निदेशक के निर्देश के डेढ़ साल बाद भी अभी तक आरोपी शिक्षकों के खिलाफ न तो प्राथमिकी दर्ज कराई गई और न ही उनसे भुगतान किए गए वेतन की वसूली की गई।

राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित 33 राजकीय हाईस्कूल में वर्ष 2017-18 में शिक्षक पद पर नियुक्ति की गई थी। शिक्षकों द्वारा नियुक्ति के दौरान लगाए गए अभिलेखों की जांच कराई गई तो छह ऐसे शिक्षक मिले, जिन्होंने जाली अभिलेख लगाकर नौकरी पा ली। फर्जी शिक्षकों द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में ताल-मेल कर करीब दस लाख रुपये का वेतन भुगतान भी करा लिया गया। संयुक्त शिक्षा निदेशक विध्याचल मंडल ने फर्जी अभिलेख लगाकर नौकरी प्राप्त करने वाले छह शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ ही साथ भुगतान किए गए वेतन की वसूली करने का निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षक को दिया था। जिला विद्यालय निरीक्षक ने संबंधित प्रधानाचार्यों को आरोपी शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए लिखित निर्देश जारी किया था लेकिन प्रधानाचार्यों ने ऐसा करने से इंकार कर दिया था। इसके पश्चात संयुक्त शिक्षा निदेशक ने जिला विद्यालय निरीक्षक को खुद प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया था। धीरे-धीरे डेढ़ वर्ष से अधिक का समय बीत गया लेकिन अभी तक आरोपी शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई। हद तो तब हो गई जब आरोपी शिक्षकों से अभी तक वसूली की कार्रवाई भी नहीं की जा सकी है। जिविनि के कर्मियों पर गिर सकती है गाज
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के एकाउंट विभाग के कर्मियों पर भी गाज गिर सकती है। आरोप है कि सत्यापन रिपोर्ट आने के पहले ही फर्जी शिक्षकों को भुगतान कर दिया गया। अभी तक दोषी कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं की जा सकी है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी और एकाउंट विभाग जांच फाइल को ही ठिकाने लगाने की तैयारी में है। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित राजकीय हाईस्कूल में फर्जी अभिलेख लगाने वाले शिक्षकों से वसूली करने के लिए संबंधित जिले के जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है। संबंधित जिले में उनके द्वारा कुछ धनराशि भी जमा कराई गई है। प्राथमिकी भी दर्ज कराने की भी कार्रवाई की जाएगी।
-अशोक चौरसिया, जिला विद्यालय निरीक्षक।primary ka master, primary ka master current news, primarykamaster, basic siksha news, basic shiksha news, upbasiceduparishad, uptet
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