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प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी करने में देरी कर रही राज्य सरकार

 लखनऊ : उत्तर प्रदेश के युवाओं में आक्रोश बढता जा रहा है।सरकार के मनमाने रवैये एवं युवाओं की अनदेखी से युवाओं का खेमा नराज है।उत्तर प्रदेश में पहले भर्ती तो निकलती नहीं और जब निकलने की बारी आती है तो केवल लेट लतीफ सरकार द्वारा इस लिए किया जाता है कि चुनाव में उनको जुमला फेकने का अवसर मिल सके।उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती एक अभिशाप है,

यहाँ शिक्षक भर्ती के साथ सियासत और वोट बैंक की राजनीति से जोड़ कर देखा जाता है।प्रदेश के बेरोजगार युवा ट्वीटर के माध्यम से प्रदेश सरकार से प्राथमिक शिक्षक भर्ती की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई दिखाई नही दे रहा है।प्राथमिक विद्यालयों में एवं जूनियर एडेड विद्यालयों में सरकार विज्ञापन जारी करने में विलंब कर रही है पिछले 1.5 साल से सरकार और सरकार के अधिकारी केवल बेरोजगार युवाओं के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं।ये पदाधिकारी बेरोजगार युवाओं के जीवन को मजाक बना दिये हैं।नौकरी एवं भर्ती के नाम पर बेरोजगार युवाओं कि जिन्दगी बर्बाद कर रहें हैं | जबकि प्रदेश में 1 लाख 10 हजार प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक के पद खाली हैं।यहाँ 10 लाख टेट सीटेट प्रशिक्षु सरकार से प्राथमिक शिक्षक भर्ती की मांग कर रहे हैं।यहाँ प्रशिक्षुओं के साथ केवल राजनीति हो रही है।जिन्हें उत्तर प्रदेश का शिक्षा मंत्री बनाया गया है वह इटवा क्षेत्र में  राजनीति करने में व्यस्त हैं उन्हें शिक्षा विभाग से जैसे किसी भी प्रकार का कोई मतलब ही ना हो।प्राथमिक शिक्षक भर्ती ना आने की वजह से बेरोजगार युवा आत्म हत्या करने पर विवश है।बस सरकारे बदल रही लेकिन सबकी स्थिति वही है।जुमला और केवल जुमला।वही बेरोजगार युवा मंच के संस्थापक राकेश पांडेय उर्फ बंटी पांडेय ने बताया कि अगर प्राथमिक शिक्षक भर्ती नहीं आयेगी तो युवा भी जाग चुके हैं और एकजुट भी हैं,जो सरकार उनको रोजगार देगी उन्ही के साथ युवा भी अपना समर्थन देंगे।जूनियर एडेड स्कूल का विज्ञापन आयालेकिन वह भी स्पष्ट नहीं है पूर्ण रूप से उसका विज्ञापन 18 फरवरी को आएगा उसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।बंटी पांडेय जी ने मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से अपील की है कि जल्द से जल्द प्राइमरी शिक्षक भर्ती का नोटिफिकेशन जारी करने का कष्ट करें। यूपीटेट जुलाई में कराए जाने पर विचार चल रहा है। उसके पहले यूपीटेट कराने के लिए पीएनपी सचिव ने शासन को दो बार प्रस्ताव भेजा था लेकिन दोनों बार प्रस्ताव पर मुहर नहीं लगी,स्थिति साफ है कि सरकार की मंशा टेट के बाद ही शिक्षक भर्ती कराने की है अगर शिक्षक भर्ती समय से नहीं आई तो फिर यह भर्ती आचार संहिता में फंस जाएगी उसके बाद आगामी चुनाव के बाद ही भर्ती पूरी हो पाएगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि अक्टूबर या नवंबर में प्राथमिक शिक्षक भर्ती हो सकती है।

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