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7th Pay Commission : कर्मचारियों के आगे झुकी केंद्र सरकार

वाराणसी. सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट से आंदोलित केंद्रीय कर्मचारियों के आगे आखिरकार केंद्र सरकार को झुकना पड़ा है। देश भर के केंद्रीय के 11 जुलाई से अनिश्चित कालीन हड़ताल के डर से केंद्र सरकार ने कर्मचारियों की मांगों पर विचार के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
नरमू के राष्ट्रीय महामंत्री शिवगोपाल मिश्र ने पत्रिका को फोन पर यह जानकारी दी। इस खबर से कर्मचारियों के बीच आशा की किरण जगी है।

इन मंत्रियों की बनी है कमेटी
नरमू के महामंत्री शिवगोपाल ने पत्रिका को बताया कि कमेटी में वित्त मंत्री अरुण जेटली के अलावा रेल राज्य मंत्री राजन गोहेन और क्रय मंत्री को शामिल किया गया है। यह कमेटी कर्मचारियों की मांगों पर विचार कर अपनी रिपोर्ट देगी। उन्होंने बताया कि बुधवार को केंद्र सरकार की ओर से नरमू के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया गया है कि उनकी प्रमुख मांगों पर विचार कर सकारात्मक निर्णय किया जाएगा।

बढ़ेगा न्यूनतम वेतनमान
मिश्र ने पत्रिका को बताया कि नरमू की मांग थी कि न्यूनतम वेतनमान 18,000 से बढ़ा कर 26, हजार किया जाए। वेतन वृद्धि में 2.57 प्रतिशत में बढोत्तरी हो तथा नई पेंशन योजना को वापस लिया जाए। मिश्र ने बताया कि इन सभी मुद्दों पर यह कमेटी विचार करेगी। यह आश्वासन भी मिला है कि नई पेंशन योजना की जगह कर्मचारियों को गारंटी पेंशन योजना में शामिल किया जाएगा।

केंद्र सरकार के इस सकारात्मक पहल से वाराणसी के कर्मचारियों में राहत

केंद्र सरकार के इस सकारात्मक पहल से नरमू की वाराणसी शाखा के कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है। शाखा सचिव डीके सिंह ने पत्रिका से हुई बातचीत में कहा कि यह बड़ा निर्णय है। हालांकि हम लोग तो 11 जुलाई से अनिश्चित कालीन हड़ताल की पूरी तैयार में थे। अगर ऐसा होता तो 11 जुलाई की सुबह छह बजे से रेल चक्का जाम होता। ऐसा 47 साल बाद होता। लेकिन केंद्र सरकार ने हमारी मांगों पर विचार के लिए कमेटी बना कर सूझबूझ का संकेत दिया है।
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