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यहां तो पहले से ही पति-पत्नी ले रहे आवासीय भत्ता

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। चुनावी साल में शिक्षक पति, पत्नी दोनों को आवासीय भत्ते की सौगात देने की जो कवायद प्रदेश सरकार अब करने जा रही है, उसका फायदा जिले के करीब 200 से ज्यादा शिक्षक यहां सालों से ले रहे हैं। चिह्नित होने के बाद भी विभाग की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि इससे सालाना करीब 40 लाख रुपये का विभाग को चूना लग रहा है।
शिकायत के बाद आवासीय भत्ते को लेकर करीब दो साल पहले तत्कालीन बीएसए कमलाकर पांडेय ने ऐसे शिक्षक दंपति की सूची तैयार कराई थी, जिसमें करीब 200 शिक्षक चिह्नित किए गए थे। लेकिन इसी बीच उनका तबादला हो गया और शिक्षकों के साथ ही खंड शिक्षाधिकारियों ने भी खामोशी की चादर ओढ़ ली। नियम के मुताबिक शिक्षक दंपति को विभाग में इसकी जानकारी देकर केवल एक को ही भत्ते के लिए अनुरोध करना है। लेकिन किसी शिक्षक ने खुद से इसकी पहल नहीं की। खोराबार और चरगांवा ब्लॉक में ऐसे शिक्षक अधिक हैं। हालांकि अब सरकार दोनों को आवासीय भत्ता देने का मसौदा तैयार कर रही है। लेकिन सवाल यह है कि अब तक हुए करोड़ों के नुकसान की भरपाई कैसे की जाएगी।
अगर शिक्षक दंपति आवासीय भत्ता ले रहे हैं तो उसकी रिकवरी कराई जाएगी। इस मामले में सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिया जाएगा कि वे शिक्षक दंपित की सूची उपलब्ध कराएं, ताकि तत्काल इसपर रोक लगे।
- ओम प्रकाश यादव, बीएसए

परिषदीय स्कूलों में भत्ते का निर्धारण
                        शहर क्षेत्र    ग्रामीण क्षेत्र
प्राथमिक स्कूल    2760    920
जूनियर हाईस्कूल    2020    620
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