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एलटी ग्रेड पुरुष संवर्ग पर मेहरबानी, माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसरों को निर्देश,इस वर्ग को भी मिले लाभ

इलाहाबाद : माध्यमिक शिक्षा विभाग की कार्यशैली से शासन खुश नहीं है, इसीलिए कदम-कदम पर निर्देश जारी हो रहे हैं। राजकीय कालेजों में महिला शिक्षिकाओं की पदोन्नति आदेश के बाद अब एलटी ग्रेड पुरुष संवर्ग पर शासन मेहरबान हुआ है।
विभागीय अफसरों को निर्देश दिया गया है कि पुरुष संवर्ग की भी अनदेखी न की जाए। उनकी वरिष्ठता सूची की गड़बड़ियां दूर करके उन्हें भी पदोन्नति का मौका दिया जाए।
प्रदेश भर में एलटी ग्रेड शिक्षकों की कई वर्षो से पदोन्नति प्रक्रिया लंबित रही है। करीब तीन साल के अंतराल के बाद इसी साल फिर से इसे शुरू किया गया। विभाग की तैयारी थी कि जून माह तक ही प्रक्रिया पूरी हो जाए।
इसके लिए सभी मंडलों से रिपोर्ट मांगी गई, लेकिन अफसरों के धीमी गति से काम करने के कारण कुछ महीने पहले 249 शिक्षकों का प्रमोशन हो पाया। इसमें एलटी ग्रेड पुरुष संवर्ग को प्रमोशन प्रक्रिया से दूर रखा गया। अफसरों का तर्क था कि उनकी वरिष्ठता को लेकर विवाद है इसलिए विवाद खत्म होने तक पदोन्नति नहीं होगी। इससे एलटी ग्रेड पुरुष वर्ग खफा रहा। इसी बीच शासन के निर्देश पर महिला संवर्ग की पदोन्नति प्रक्रिया शुरू हुई है। एलटी ग्रेड शिक्षकों ने शासन को पूरी स्थिति से अवगत कराया कि उनकी किस तरह से अनदेखी हो रही है।
शासन ने शिक्षा निदेशक माध्यमिक को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि राजकीय विद्यालयों में एलटी ग्रेड पुरुष संवर्ग की पदोन्नति भी की जाए। शासन ने एक सप्ताह में इस संबंध में जवाब मांगा है। इससे उम्मीद जगी है कि विभाग अब नये सिरे से वरिष्ठता सूची तैयार करेगा, जिसमें विवाद नहीं होगा। राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवमूर्ति राय कहते हैं कि यदि वरिष्ठता सूची में विवाद है तो उसे विभागीय अफसर ही दूर करेंगे। उन्हें इस दिशा में पहल करनी चाहिए। इसके बजाए अफसर सूची में विवाद को तूल देकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। बोले, प्रदेश में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं और वर्षो से उनके संवर्ग को पदोन्नति नहीं मिली है, अब शासन की पहल पर प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद जरूर हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही शिक्षा निदेशालय में नए सिरे से सूची बनाने की प्रक्रिया तेज होगी।
वरिष्ठता सूची में विवाद की आड़ में अफसर नहीं दे रहे नियमित पदोन्नति
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