Leaderboard Ad – Below Nav

Ad – Above Posts (Multiplex/Display)

Ad – Between Posts Section

अब 1 अप्रैल से पीपीएफ(PPF) और छोटी बचत जमा योजनाओं पर ब्याज दरों में कटौती का ऐलान

पीपीएफ समेत लघु बचत जमा योजनाओं पर ब्याज दर 0.1% घटाई गई
नई दरें एक अप्रैल से प्रभावी किस पर कितना ब्याज मिलेगा और कितना मिलता रहा है, खबर से लें डीटेल
नई दिल्ली: नए वित्त वर्ष की शुरुआत कुछ सख्त तरीके से होती लग रही है. सरकार ने लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत जमा योजनाओं पर ब्याज दर 0.1 प्रतिशत घटा दी है. नई दरें एक अप्रैल से प्रभावी होने जा रही हैं. इसका सीधा सा अर्थ यह हुआ कि आपको अपने निम्नलिखित खातों व योजनाओं में जमा रकम पर 1 अप्रैल 2017 से कम ब्याज मिलेगा.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ), किसान विकास पत्र, सुकन्या समृद्धि खाता और सीनियर  सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम की मौजूदा ब्याज दरों पर यह कटौती लागू होगी. इस नए नियम के मुताबिक, पीपीएफ पर 7.9 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा, जबकि 31 मार्च तक यह 8 फीसदी की दर से मिला है.
वहीं किसान विकास पत्र पर 7.6 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा जबकि पांच साल की मियाद के लिए सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम पर 8.4 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा. वहीं पांच साल की मियाद वाले नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर यह दर 7.9 फीसदी होगी.  एक से पांच साल की मियादी जमा पर ब्याज दर 6.9 से 7.7 प्रतिशत होगी और इसका भुगतान तिमाही आधार पर होगा. रेकरिंग जमा (आरडी) पर ब्याज दर 7.2 प्रतिशत होगी.
मंत्रालय ने 2016-17 की चौथी तिमाही के लिये ब्याज दरों को अधिसूचित करते हुए कहा- सरकार के निर्णय के आधार पर लघु बचत जमा योजनाओं पर ब्याज दरों को तिमाही आधार पर अधिसूचित किया जाता है.
बता दें कि साल 2017 की शुरुआत में सरकार की ओर से लोगों को तोहफा दिया गया है. सरकार ने लोक भविष्य निधि (PPF) और डाकखानों (Post Office) के जरिए परिचालित किसान विकास पत्र जैसी अन्य लघु बचत योजनाओं (Small saving scheme) पर ब्याज दर जनवरी-मार्च तिमाही में अपरिवर्तित रखने का फैसला लिया था. सरकार ने लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों की तिमाही समीक्षा की नयी व्यवस्था पिछले साल अप्रैल से शुरू की है. श्यामला गोपीनाथ पैनल द्वारा दिए गए फॉर्म्युले के बाद यह व्यवस्था की गई.
sponsored links:
ख़बरें अब तक - 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती - Today's Headlines

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

UPTET news