प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 के पूरा होने के बाद नए मतदाताओं को जोड़ना अब सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, आमतौर पर आबादी के लगभग 60% लोग वोटर होने चाहिए। 75 लाख की अनुमानित आबादी वाले जिले में इस हिसाब से लगभग 53 से 55 लाख मतदाता होने चाहिए। लेकिन एसआईआर में अब तक कुल मतदाताओं की संख्या केवल 35,36,555 रही है, जो 50% से भी कम है।
इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने नए वोटरों को मतदाता सूची में जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत:
1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं का नाम तुरंत मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
इसके अलावा 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नए वोटरों को भी प्रारूप चार और फॉर्म-6 भरवाकर सूची में जोड़ा जाएगा।
मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 6 मार्च 2026 को
फिलहाल मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 6 मार्च 2026 को होगा। जिला प्रशासन ने सभी बीएलओ (ब्लॉक लीडिंग ऑफिसर) को निर्देश दिया है कि वे नए वोटरों से संपर्क करें और बिना मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू करें। उप राज्य निर्वाचन अधिकारी अमित सिंह ने ऑनलाइन बैठक कर अफसरों को नोटिस जारी करने और फॉर्म-6 भरवाने की प्रक्रिया समझाई। इसके अलावा सभी एईआरओ को गुरुवार को इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन सभागार में प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि समय पर सभी नोटिस जारी किए जा सकें।
मतदाता सूची में नाम जांचने का तरीका
लोग एसआईआर सूची में अपना नाम ऑनलाइन देख सकते हैं।
वेबसाइट पर ‘विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026’ लिंक पर क्लिक करें।
पॉप-अप विंडो में ईपिक नंबर और कैप्चा भरकर खोजें।
यदि नाम नहीं मिलता है तो फॉर्म-6 भरें।
दूसरे विकल्प के रूप में https://electoralsearch.cci.gov.in पर जाकर ईपिक नंबर डालकर भी नाम की जांच की जा सकती है।
पूरे परिवार का नाम कटने के मामले
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कई परिवारों के नाम कट गए। उदाहरण के तौर पर, प्रयागराज में अविनाश चंद्र श्रीवास्तव, उनकी पत्नी शैला श्रीवास्तव और दो बेटों के नाम पूरी तरह से कट गए। अब ये सभी फॉर्म-6 भरकर अपने नाम को सूची में फिर से शामिल करने की तैयारी में हैं।
नए मतदाताओं पर विशेष ध्यान
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जो भी लोग एक जनवरी को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, उन्हें फॉर्म-6 और प्रारूप चार भरना अनिवार्य है। इसके अलावा पूरे वर्ष में चार विशेष तारीखों (1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई, 1 अक्टूबर) पर 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नए वोटरों का नाम भी सूची में जोड़ा जाएगा।
निष्कर्ष
एसआईआर 2026 के बाद उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को यथार्थ और सटीक बनाए रखना महत्वपूर्ण है। यह न केवल आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए आवश्यक है, बल्कि मतदान की पारदर्शिता और लोकतंत्र की मजबूती के लिए भी जरूरी है।