भारत सरकार ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण को लेकर बड़ी घोषणा कर दी है। मकान सूचीकरण और मकानों की गणना यानी हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके साथ ही देशभर में जनगणना प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत मानी जा रही है।
मकान सूचीकरण की प्रक्रिया कब होगी
जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण का कार्य 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच किया जाएगा। यह प्रक्रिया सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगी। हालांकि, प्रत्येक राज्य और संघ राज्यक्षेत्र अपने स्तर पर 30 दिनों की निश्चित अवधि तय करेगा, जिसके भीतर यह कार्य पूरा किया जाएगा।
घर-घर सर्वे से पहले मिलेगा स्व-गणना का विकल्प
इस बार जनगणना प्रक्रिया में नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्व-गणना यानी सेल्फ एन्यूमरेशन का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाएगा। घर-घर मकान सूचीकरण शुरू होने से पहले, प्रत्येक राज्य और संघ राज्यक्षेत्र द्वारा अधिसूचित कार्यक्रम के अनुसार 15 दिनों की अवधि के लिए यह सुविधा दी जाएगी।
स्व-गणना के माध्यम से लोग स्वयं अपने मकान और आवास से जुड़ी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिससे सर्वे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम बनने की उम्मीद है।
मकान सूचीकरण क्यों है महत्वपूर्ण
मकान सूचीकरण और मकानों की गणना जनगणना का बेहद अहम चरण होता है। इसी आधार पर देश में आवासीय स्थिति, भवनों के उपयोग, सुविधाओं की उपलब्धता और शहरी-ग्रामीण संरचना से जुड़ा डेटा तैयार किया जाता है। आगे चलकर यही आंकड़े नीतिगत निर्णयों, विकास योजनाओं और संसाधनों के वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जनगणना 2027 से जुड़ी यह पहल डिजिटल और सहभागितापूर्ण व्यवस्था की ओर एक बड़ा कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में इससे जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश और राज्यवार कार्यक्रम भी जारी किए जाएंगे, जिन पर सभी की नजर बनी रहेगी।
