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नौकरी की सुरक्षा के लिए इन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए..........

मित्रों आप सब ने ये कहानी अवश्य सुना होगा - "बंदरों की लड़ाई में बिल्ली सारा रोटी हजम कर गई।"
सरकार (सपा / बसपा ) ने बेरोजगारों को आपस में लड़ा कर अपना उल्लू सीधा किया और बेरोजगारों के पैसों से खूब मक्खन काटा।

अब भी वक़्त है, किसी राजनितिक पार्टी पर भरोसा नही किया जा सकता है। इसकी कोई गारेंटी नही की अगली सरकार बेरोजगारों के लिए कुछ करेगी ही। टेट नेताओं का राजनितिक पार्टियों को लुभाने का प्रयाश अनुचित तो नही पर विशेष लाभदायक भी नही, खैर ये वक़्त बतायेगा।
वर्तमान परिस्थिति में #_बीटीसी #_बी_एड #_उर्दू #_जूनियर इत्यादि-इत्यादि यदि समस्त चयनित किसी विपरीत परिस्थिति का सामना नही करना चाहते तो इन्हें अपने नौकरी की सुरक्षा के लिए इन्ही मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए-
#_पहला_मुद्दा #_शिक्षामित्र_मुद्दा
शिक्षामित्रों (अयोग्य ) के अवैध समायोजन ( हाइकोर्ट एवं NCTE के अनुसार ) के कारण योग्य ( बी.एड. और बीटीसी वाले ) सड़कों पर हैं और चयनितों का विरोध कर रहे हैं। यदि अचयनितों को भी जॉब मिल जाये तो अचयनितों को इससे कोई फर्क नही पड़ता की कौन सी भर्ती टेट मेरिट से हुई कौन सी अकैडमिक मेरिट से । टेट vs अकैडमिक का सारा झगड़ा ही समाप्त ।
नोट- शिक्षामित्रों के लिए विकल्प तैयार करना कोर्ट और सरकार का काम है। इनका कोई दोष नही । इन्हें जॉब मिलनी ही चाहिए। जो योग्य हैं उन्हें ससम्मान सहायक अध्यापक और जो योग्य नही उन्हें समकक्ष अन्य जॉब।
#_दूसरा_मुद्दा #_याची_लाभ
कोर्ट स्वयं चाहती है की सरकार सभी योग्य अचयनितों को जॉब दे, जिससे लाखों चयनितों के जॉब पर कोई आंच न आये एवं लाखो अचयनितों को उनका हक़ मिल जाए।
याची लाभ ही एक ऐसा पॉइंट है जिसमें सभी का भला है।
#_तीसरा_मुद्दा #_RTE
RTE मुद्दा ऐसा मुद्दा है जिसपर सरकार को पूरी तरह घेरा जा सकता है। RTE का पूर्णतः पालन बहोत पहले ही हो जाना चाहिए था परंतु दुर्भाग्य......
यदि कोर्ट तत्काल एक टीम गठित करा कर RTE के तहत यूपी में शिक्षा व्यवस्था का समीक्षा कराये और RTE का पूर्णतः पालन कराये तो सायद ही कोई योग्य अध्यापक बेरोजगार बचे।
मित्रों ऐसे ही बहोत से मुद्दे एवं विचार हैं जिन पर सभी चयनितों को अवश्य विचार करना चाहिए।
कोर्ट के "अंतिम निर्णय के डर" की जगह कॉन्फिडेंस से जॉब करना चाहते हैं तो चयनितों को अचयनितों का साथ दिल से देना चाहिए।
अपने विचार अवश्य कमेंट करें एवं अधिक से अधिक ग्रुप में शेयर करें।
पुनीत केशरी
अचयनित (याची)
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