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सातवें वेतन समिति की रिपोर्ट तैयार, सीएम से मांगा समय रिपोर्ट पर अगले माह लगेगी कैबिनेट की मुहर, नए साल में मिल सकता है बढ़े वेतनमान का तोहफा

सूबे के 21 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को सातवें वेतन आयोग की सौगात जल्द मिलने की उम्मीद है। सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को प्रदेश के विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों पर लागू करने के बारे में विचार करने के लिए गठित राज्य वेतन समिति ने अपनी पहली रिपोर्ट तैयार कर ली है।
समिति के अध्यक्ष जी.पटनायक ने रिपोर्ट सौंपने के लिए मुख्यमंत्री से समय मांगा है। संभावना है कि समिति की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को इसी महीने सुपुर्द कर दी जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में विभिन्न वर्गो के कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित सातवें वेतन के ढांचे को केंद्र सरकार के समतुल्य रखा गया है। राज्य वेतन समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार इस पर अगले माह कैबिनेट की मुहर लगवाएगी। सरकार को यह तय करना होगा कि रिपोर्ट की सिफारिशों को कब से लागू करना है। चुनावी वर्ष होने के कारण माना जा रहा है कि सरकार जल्दी से जल्दी कर्मचारियों को सातवें वेतन की सौगात देना चाहेगी। संभावना जतायी जा रही है कि सरकार नये साल की शुरुआत यानी जनवरी में कर्मचारियों को यह तोहफा दे सकती है। राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के बजट में कर्मचारियों को सातवें वेतन के भुगतान के लिए धनराशि की व्यवस्था की है। चूंकि सातवें वेतन की सिफारिशें पहली जनवरी, 2016 से लागू होनी हैं, लिहाजा सरकार को कर्मचारियों को दिये जाने वाले एरियर के भुगतान की प्रक्रिया भी तय करनी होगी। छठवें वेतनमान के समय राज्य सरकार ने कर्मचारियों को एरियर का भुगतान तीन वार्षिक किस्तों में किया था। पहली किस्त में कुल एरियर का 20 प्रतिशत और बाकी दो किस्तों में 40-40 फीसद का भुगतान हुआ था। चूंकि भत्ताें को लेकर केंद्रीय आयोग ने कोई सिफारिश नहीं की है, लिहाजा राज्य वेतन समिति ने भी अपने पहली प्रतिवेदन में इस पर चुप्पी साधी है। वैसे राज्य कर्मचारियों को महंगाई भत्ता भी केंद्रीय कार्मिकों के समतुल्य मिलता है।

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