देवरिया : इस शैक्षणिक सत्र में आठवीं के बच्चों की पढ़ाई चौपट करने
वाले दो गुरुओं को अनोखी सजा दी गई है। दोनों शिक्षक पढ़ाई में पिछड़े सभी
बच्चों का शैक्षिक सुधार करेंगे।
इसके लिए बाकायदा तीन त्रिस्तरीय कमेटी
गठित की गई है जो इस पर निगरानी रखेगी। दोनों शिक्षकों का सितंबर का वेतन
एक सप्ताह पूर्व में ही बाधित कर दिया गया है। मामला पथरदेवा के पूर्व
माध्यमिक विद्यालय मिश्रौली का है, जहां दो शिक्षक आठवीं में अध्ययनरत
छात्र-छात्राओं को पिछले साल सातवीं कक्षा से पढ़ाने से गुरेज करते रहे
हैं। बीईओ के जांच में इसका खुलासा होने पर कार्रवाई की गई है।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय मिश्रौली में कक्षा आठवीं की एक छात्रा ने 25
सितंबर को बीईओ पथरदेवा ज्ञानचंद्र मिश्र के मोबाइल पर काल कर बताया कि
आठवीं कक्षा में कोई पढ़ाने नहीं आता। शिक्षक आपस में बातें करते रहते हैं।
अगले दिन 26 सितंबर को खंड शिक्षाधिकारी ने प्रकरण की जांच की तो छात्रा
के आरोप सही पाए गए। पता चला कि सातवीं से ही सहायक अध्यापक योगेंद्र कुमार
कुशवाहा गणित व श्रीमती प्रियंका जायसवाल अंग्रेजी नहीं पढ़ातीं। साथ ही
कभी भी न पढ़ाने की बात करते रहते हैं। खंड शिक्षाधिकारी ने दोनों सहायक
अध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगते हुए सितंबर का वेतन बाधित कर दिया। खंड
शिक्षाधिकारी ने विद्यालय में व्याप्त कमियों व आठवीं में शिक्षण कार्य में
बरती गई लापरवाही के प्रति विशेष सुधार की आवश्यकता महसूस करते हुए दो
अक्टूबर को त्रिस्तरीय कमेटी गठित की है। कमेटी में सह समन्वयक प्रवीण
कुमार द्विवेदी, प्रमोद कुमार गौतम व संजय गुप्ता शामिल हैं। कमेटी के
सदस्यों को उन्होंने निर्देश दिया है कि आठवीं समेत सभी कक्षाओं के बच्चों
का शैक्षणिक सुधार कराते हुए इसकी आख्या उपलब्ध कराएं।
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