Leaderboard Ad – Below Nav

Ad – Above Posts (Multiplex/Display)

Ad – Between Posts Section

कौन है यूपी का वो करोड़पति लेखपाल, जिसकी प्रॉपटी देख अफसर भी रह गए दंग; अब हुआ बर्खास्त

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बैठक के ठीक एक दिन बाद आय से अधिक संपत्ति के मामले में मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन ने करोड़पति लेखपाल आलोक दुबे को बर्खास्त कर दिया। राजस्व निरीक्षक रहे आलोक दुबे ने पद का दुरुपयोग करते हुए 70 करोड़ से ज्यादा की 41 संपत्तियां बनाईं थीं। बड़े पैमाने पर बेनामी संपत्तियों का भी खुलासा हुआ था। इसके बाद आलोक को डिमोट करते हुए लेखपाल बनाकर बिल्हौर तहसील भेज दिया गया था। आलोक की ओर से दाखिल की गई अपील को मंडलायुक्त ने खारिज करते हुए उसकी सेवा समाप्त कर दी। अफसरों का दावा है कि कानपुर में इस तरह से लेखपाल को बर्खास्त करने का यह पहला मामला है।




मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन ने बताया कि मामला उस समय सामने आया था, जब आलोक दुबे राजस्व निरीक्षक के पद पर काम करते हुए जमीनों के क्रय-विक्रय में संलिप्त पाया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि उसने निजी लाभ के लिए जमीनों की खरीद-फरोख्त और हेराफेरी की है।


 उस पर आय से अधिक संपत्ति का भी आरोप लगा था। इस पर अधिवक्ता संदीप सिंह ने कोतवाली में आलोक दुबे समेत सात के खिलाफ मार्च 2025 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह ने मामले की कमेटी बनाकर जांच कराई तो उसके पास 70 करोड़ से ज्यादा की 41 संपत्तियां होने का खुलासा हुआ था।



 इसके बाद डीएम ने आलोक दुबे को 25 सितंबर 2025 को डिमोट करते हुए लेखपाल बनाकर बिल्हौर भेज दिया था। इसके खिलाफ लेखपाल ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने कमिश्नर कोर्ट में अपील करने का आदेश दिया था। इस वजह से लेखपाल ने कमिश्नर कोर्ट में अपील दाखिल की। इसकी सुनवाई करते हुए कमिश्नर ने अपील को खारिज करते हुए लेखपाल को बर्खास्त कर दिया। कमिश्नर ने बताया कि इस तरह से काम करने वाले कर्मचारियों को नौकरी करने का कोई हक नहीं है। बता दें आलोक दुबे दयानंद विहार कल्याणपुर का रहने वाला है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

UPTET news