Leaderboard Ad – Below Nav

Ad – Above Posts (Multiplex/Display)

Ad – Between Posts Section

आज सुप्रीमकोर्ट की सुनवाई से शिक्षामित्र मामले पर कोई प्रभाव नहीं

RTE Act 23  अगस्त 10 के बाद जो भी सीधी भर्ति किया जाएगा तो टीईटी अनिवार्य है। यह तो अमूमन सबको पता है । आज विनोद कुमार सोनकर की slp की सुनवाई  कोर्ट न०13 में आइटम नं० 5 पर जस्टिस आर्दश कुमार गोयल जी ने slp यह कहते हुए खारिज कर दिया कि Rte Act लागू होने के बाद किसी को टीईटी मे छूट नही दी जाएगी ।
चूकि विनोद कुमार सोनकर का प्रशिक्षण 2011 मे पुरा हुआ उसके बाद कोर्ट में अपील दाखिल कर विना टीईटी नियुक्ति की माँग कर रहे थे ।इस पर कोर्ट द्वारा खारिज करने पर इतना हो हल्ला क्यों मचा रहे इस तरह का सैकडो केस खारीज हो चुका है जो 23अगस्त 2010 के बाद बिना टीईटी न्यूक्ति की माँग किये है।
*मित्रों इनका प्रकरण आर टी एक्ट के लागू होने के बाद नान टेट नियुक्ति का मामला है ,जबकि शिक्षा मित्र का समायोजन का प्रकरण है दोनों में कोई तुलना नही है*
हाँ इतना तो जरूर है अपने अन्दर यह ज्ञानि नही झाक रहे है कि एक दिन वही सुप्रीम कोर्ट 31 मार्च 2014 के बाद प्राथमिक विद्यालय मे बीएड टीईटी की नियुक्ति नही हो सकता यह Ncte कह रहा है जवकि उत्तर प्रदेश मे 72825 की भार्तियॉ इन लीगल तरिके से कर दिया गया है सफेदा धारियों कों इनको भी वही बेन्च बाहर करने वाला है ।
*शिक्षा मित्र के प्रकरण पर । इस केश का कोई प्रभाव नही है
sponsored links:
ख़बरें अब तक - 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती - Today's Headlines

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

UPTET news